साल 2020 में उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड को शायद ही कोई भुला पाए। दामाद ने प्रॉपर्टी के लिए अपने सास-ससुर और दो सालियों को मौत के घाट उतार दिया था और उनके शव घर में ही दफना दिए थे। करीब 16 महीने बाद मामले का खुलासा 28 अगस्त को हुआ था। घर के अंदर का नजारा देख पुलिस ही नहीं हर कोई हैरान था।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
घटना रुद्रपुर में ट्रांजिट कैंप में राजा कॉलोनी की थी। मूल रूप से पैगानगरी तहसील मीरगंज थाना (बरेली) निवासी 65 वर्षीय हीरालाल वर्ष 2006 में परिवार के साथ राजा कॉलोनी ट्रांजिट कैंप में बस गए थे। उनके साथ पत्नी हेमवती, बेटी लीलावती, दुर्गा और पार्वती रहते थे।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
तेरह बीघा जमीन और मकान हड़पने की नीयत से दामाद ने किराएदार साथी की मदद से 20 अप्रैल 2019 को सास-ससुर और दो सालियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद 16 महीने तक आरोपी कॉलोनी में बेखौफ होकर ऐसे रह रहा था कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं है। हत्याएं करने और उनको घर में ही ठिकाने लगाने के लिए नरेंद्र ने अपने किराएदार विजय गंगवार को संपत्ति में आधा हिस्सा देने का लालच देकर अपने साथ मिला लिया था।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वहीं, पत्नी को इस बात का पता न लगे इसके लिए उसने हत्या से पहले पत्नी लीलावती को 18 अप्रैल 2019 को बरेली में फूफा डोरीलाल के घर लेजाकर छोड़ दिया था। फिर 20 अप्रैल को हत्याएं करने और शवों को ठिकाने लगाने के 10 दिन बाद वह पत्नी को लेने फिर बरेली रवाना हुआ।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पूछताछ में आरोपी नरेंद्र ने बताया था कि रोजाना सुबह उसकी सास और साली दूध लेने जाते थे। इसके चलते उसने सुबह के समय ही हत्या करने की योजना बनाई थी। 20 अप्रैल 2019 की सुबह साढ़े पांच बजे उसकी सास हेमवती और साली पार्वती दूध लेने गए थे। मकान का दरवाजा खुला होने पर वह अपने साथी विजय के साथ घर में घुसा। इसके बाद उसने पहले दुर्गा और फिर हीरालाल पर डंडे से वार कर हत्या कर दी थी। थोड़ी देर में हेमवती और पार्वती घर पर आए तो उसी डंडे से उनकी भी हत्या कर दी।