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देवभूमि की 5 दर्दनाक घटनाएं, जिन्होंने बेटियों के मन में भर दिया खौफ, पढ़कर आपकी भी रूह कांप उठेगी

Tue, 18 Dec 2018 06:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 18 Dec 2018 06:17 PM IST
Year Ender 2018 Horrible crime stories of uttarakhand 

साल खत्म होने को है, लेकिन अपराध नहीं। जी हां, साल 2018 में देवभूमि उत्तराखंड में अपराध की कुछ ऐसी घटनाएं हुईं जिन्होंने बेटियों के मन में खौफ भर दिया। इतना ही नहीं इन घटनाओं ने पुलिस को भी अंदर तक झकझोर दिया। रविवार को पौड़ी में एक युवक द्वारा छात्रा को आग लगाने की घटना से ही देवभूमि दहली हुई है। तो चलिए जानते हैं पिछले महीनों में हुई ऐसी ही पांच खौफनाक घटनाओं के बारे में....

Year Ender 2018 Horrible crime stories of uttarakhand 
demo pic - फोटो : self

16 जनवरी को थराली तहसील के नारायणबगड़ में एक गांव के अस्पताल में नौकरी करने वाले एक युवक की पत्नी को गांव के ही एक युवक ने घर से बाहर बुलाकर उसके ऊपर केरोसिन छिड़क कर आग के हवाले कर दिया था। विवाहिता को इलाज के लिए दिल्ली तक ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। केस रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित होने के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार किया गया। नारायणबगड़ ब्लाक के एक गांव में 13 सितंबर 2015 को आठ वर्षीया नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना के विरोध में ग्रामीणों के कई दिनों के आंदोलन के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसी वर्ष सितंबर माह में देवाल ब्लाक में एक नाबालिग के साथ और दो माह पूर्व थराली तहसील के एक स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ किए जाने के मामले पुलिस में दर्ज हुए। 

Year Ender 2018 Horrible crime stories of uttarakhand 
- फोटो : अमर उजाला

29 जुलाई 2018 को देहरादून के सहसपुर क्षेत्र सभावाला में 11 वर्षीय बालिका की दुराचार कर हत्या कर दी गई। आरोपी ने शव को एक इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में दफनाया था। बालिका को गायब कर यह सब किया गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर जयप्रकाश नाम के शख्स को हिरासत में  लिया था।

सहसपुर थानाध्यक्ष नरेश राठौड़ के अनुसार, मध्य प्रदेश से एक परिवार मजदूरी के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज आया है। यहां उन दिनों एक भवन का निर्माण चल रहा था। घटना से पहले 11 वर्षीय एक बालिका भवन के पास ही अपने दो छोटे भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। कुछ देर बाद वह वहां से अचानक गायब हो गई। काफी देर तक उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसी बीच आसपास के लोगों ने कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में बच्ची का शव पड़ा देखा तो उन्होंने पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि मैदान में खेलते वक्त कुछ लोग वहां आए और दोनों बच्चों को 10-10 रुपये देकर सामान लाने दुकान भेज दिया। इसके बाद से उन्होंने बड़ी बहन को नहीं देखा। एसएसपी के अनुसार, दुराचार के बाद आरोपी ने बालिका की हत्या कर शव को कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में दफना दिया, लेकिन बारिश के कारण मिट्टी हटने से शव नजर आने लगा था। इसके बाद से ही पुलिस भी सकते में थी।

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12 सितंबर 2018 को अल्मोड़ा के दशाऊं (पेटशाल) में एक अधेड़ व्यक्ति ने शराब के नशे में सोमवार शाम अपने बड़े भाई और उसके परिवार पर तेजाब से हमला कर दिया था। जिले में एसिड अटैक की इस पहली घटना में भाई समेत परिवार के सात लोग बुरी तरह से झुलस गए। इनमें दो बच्चे और परिवार की दो बहुएं भी शामिल थे।

दो महिलाओं की हालत काफी खराब थी। इनमें एक 70 तो दूसरी 55 प्रतिशत तक झुलसीं थी। परिवार के अन्य सदस्य दिवान सिंह पर एसिड के कुछ छींटे पड़े हैं। आरोपी रघुनाथ सिंह लीसा निकालने का काम करता था और इसी के चलते उसने अपने घर पर एसिड रखा था। वहीं उसका अपने बड़े भाई शेर सिंह के साथ काफी समय से झगड़ा चल रहा था। इसके चलते नशे में उसने आवेश में आकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया।

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17 सितंबर 2018 को देहरादून में एक बोर्डिंग स्कूल में दसवीं की छात्रा के साथ दुराचार का मामला सामने आया था। इस बात का खुलासा तब हुआ जब छात्रा गर्भवती हो गई। दुराचार का आरोप स्कूल के कुछ सीनियर छात्रों पर लगा था। स्कूल में दो सगी बहनें एक ही कक्षा में पढ़ती थीं। उनके माता पिता के बीच झगड़ा रहता है तो वे उनसे मिलने भी नहीं आ पाते थे। कुछ समय पहले छोटी बहन की तबीयत खराब हुई तो उसने बड़ी बहन को सारी बात बताई। पता चला कि छात्रा एक माह के गर्भ से है। जबकि छात्रा का गर्भपात कराने और मामले को दबाने के आरोप में स्कूल की निदेशक, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी और आया को गिरफ्तार कर लिया था। तीन नाबालिग छात्रों के खिलाफ पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड में और एक बालिग छात्र समेत छह आरोपियों के खिलाफ विशेष पोक्सो न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। 

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