पौड़ी के कफोलस्यूं पट्टी स्थित एक गांव की युवती को जिंदा जलाए जाने के मामले में छात्र-छात्राओं ने सुबह से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्र छात्राओं का आरोप है कि पीड़िता को सरकार की ओर से ठोस मदद नहीं दी जा रही है।
आंदोलित दो छात्र नेता पैट्रोल की बोतल लेकर एक भवन की छत पर भी चड़ गए। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों पर सरकार गौर नहीं करती है, तो किसी भी अनहोनी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इसके बाद से ही वहां हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़िता को एम्स में जनरल वार्ड में रखे जाने की रखे जाने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति दर्ज की। कहा कि नाजुक हालत में जीवन से जूझ रही युवती को मुख्यमंत्री अभी तक देखने नहीं गए। इस दौरान एसडीएम सदर अनिल चन्याल ने छात्रों को समझाने का विफल प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि पौड़ी मे उच्च शिक्षा मंत्री आए। लेकिन आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचे। विधायक पौड़ी क्षेत्र भ्रमण पर हैं, युवती से इन्हें कोई संवेदना नहीं है। जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जनपद को चला कौन रही इसका पता ही नहीं चल रहा है।
सोमवार को भी बीजीआर परिसर पौड़ी के छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद नैथानी, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई गौरव सागर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष नेगी, अभाविप की नगर छात्रा प्रमुख अरसी कुरैशी, छात्रसंघ कोषाध्यक्ष प्रियंका रावत सहित आंदोलित छात्र-छात्राओं ने कहा कि मानवता को शर्मसार करने वाले आरोपी को फांसी की सजा दी जाए।