{"_id":"6a9e334038475fbf280565a0","slug":"karnaprayag-rail-labor-pain-and-six-kilometers-trek-villagers-carried-a-pregnant-to-admit-in-hospital-2026-09-07","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कर्णप्रयाग: बारिश, प्रसव पीड़ा और छह किमी का सफर; पहले पैदल फिर कुर्सी के सहारे गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्णप्रयाग: बारिश, प्रसव पीड़ा और छह किमी का सफर; पहले पैदल फिर कुर्सी के सहारे गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल
Mon, 07 Sep 2026 09:23 AM IST
Alka Tyagi
संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग(चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग(चमोली)
Published by: Alka Tyagi
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:23 AM IST
सार
पंडाव गांव में गर्भवती को प्रसव पीड़ा हई तो परिजनों के सामने परेशानी खड़ी हो गई। गांव में सड़क मार्ग ठीक नहीं था। इसके चलते ग्रामीण महिला को बारिश के बीच पैदल ही चल दिए। इसके बाद महिला को कुर्सी पर बैठाकर ले जाया गया।
विज्ञापन
गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
आदिबदरी के पंडाव गांव में भारी बारिश के बीच एक गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने करीब छह किलोमीटर तक कुर्सी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने यह जोखिम भरा सफर तय किया। इसके बाद महिला को उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक बालिका को जन्म दिया।
विज्ञापन
पंडाव गांव की 24 वर्षीय मुन्नी देवी को शनिवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू हुई। क्षेत्र में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। आशा कार्यकर्ता अल्का नेगी और परिजनों ने महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की। कुछ दूर चलने के बाद महिला चलने में असमर्थ हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने कुर्सी को डंडी बनाकर उसे मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
विज्ञापन
कोटद्वार: पुलिंडा रोड पर अचानक आया हाथियों का झुंड, देखते ही भागे युवा, तीन दोपहिया वाहनों को किया क्षतिग्रस्त
विज्ञापन
108 एंबुलेंस से रात करीब नौ बजे महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। सुबह और रात करीब 9:30 बजे चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव कराया। आशा कार्यकर्ता अल्का नेगी ने बताया कि सड़क सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को डंडी-कंडी के जरिये अस्पताल ले जाना पड़ता है।