तबाही की 20 दर्दनाक तस्वीरें: 'काली' के तांडव से एक झटके में तहस-नहस हो गए गांव, उत्तराखंड में जलप्रलय के घाव
इनके शव बरामद हो चुके हैं। मलबे से सल्ला गांव के आठ मकान समेत कुल 30 मकान जमींदोज हो गए हैं। गांव के बीरा ठगुन्ना को गंभीर चोटें आई है। खलंगा स्थित दशरथनगर का स्कूल बह गया है। दुहु और महाकाली को जोड़ने वाले लास्कू सस्पेंशन पुल और मोटर पुल भी बह गए हैं।दार्चूला तिंकर सड़क पर खड़े चार वाहन बह गए हैं।
महाकाली के प्रवाह को रोकने के लिए बनाए गए तटंबध भी क्षतिग्रस्त हो गए है। नेपाल के पुलिस कार्यालय ने बताया कि नुकसान का अभी सही आकलन नहीं हो पाया है। घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य के लिए नेपाली सेना, पुलिस, सशस्त्र पुलिस को तैनात किया गया है। प्रभावितों के लिए नेपाल सरकार की ओर से खाने-पीने का सामान, राशन एवं अन्य सामग्री काठमांडू से हेलिकॉप्टर के जरिये भेजी जा रही है।
इधर, भारतीय क्षेत्र धारचूला के खोतिला निवासी पशुपति देवी (65) पत्नी मान बहादुर दरवाजे का कुंडा नहीं खुलने के कारण घर के अंदर ही फंस गई। घर में पानी भरने से उनकी डूबने से मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उनका शव बाहर निकाला। भारी बारिश से एलधारा का मलबा, पानी मल्ली बाजार एवं खड़ी गली के घरों और दुकानों में घुस गया है।
एसडीएम नंदन कुमार ने बताया कि मल्ली बाजार एवं खड़ी गली के 20 मकानों और 15 दुकानों के साथ ही खोतिला में 36 मकानों में मलबा, पानी घुसा है। आपदा से 170 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की टीम आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचने में जुटी हुई है। आपदा प्रभावितों को टेंट और अन्य सामान पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।