फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

उत्तरकाशी आपदा: हर्षिल में बनी झील ने लिया दलदल का रूप...डेढ़ किमी क्षेत्र में है गाद, कई टन जमा मलबा

Thu, 14 Aug 2025 10:00 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, धराली(उत्तरकाशी)
संवाद न्यूज एजेंसी, धराली(उत्तरकाशी) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 14 Aug 2025 10:00 PM IST
सार

दलदल वाला स्थान होने के कारण भारी मशीनों की तैनाती संभव नहीं हो पा रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से स्थानीय संसाधनों और मजूदरों की सहायता से सफाई का कार्य किया जा रहा है।

विज्ञापन
Uttarkashi disaster lake formed in Harshil has taken form of a swamp silt is present in one and a half km area
हर्षिल में झील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हर्षिल में बनी करीब डेढ़ किमी लंबी झील ने अब बड़े दलदल का रूप ले लिया है। भागीरथी नदी में ऊपरी क्षेत्रों से बहकर आ रही गाद इसमें लगातार एकत्रित होने के कारण वहां पर कई टन मलबा जमा हो गया है। ऐसे में मशीनों से काम करने में परेशानी हो रही है।



जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बृहस्पतिवार को हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में बनी अस्थायी झील का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि झील के मुहाने से वर्तमान में जल का प्रवाह सुचारू रूप से हो रहा है। इससे तात्कालिक रूप से किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि नदी के किनारे में बहाव को अवरोध उत्पन्न कर रहे मलबे को हटाने की दिशा में युद्धस्तर पर मैनुअल रूप से कार्य किया जा रहा है।

Uttarkashi: धराली में फिर तबाही मचा सकती है खीरगंगा...मुहाने पर जमा है 15 फीट मलबा, सिर्फ दो बोल्डरों पर अटका

Uttarkashi disaster lake formed in Harshil has taken form of a swamp silt is present in one and a half km area
हर्षिल में झील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

वहीं दलदल वाला स्थान होने के कारण भारी मशीनों की तैनाती संभव नहीं हो पा रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से स्थानीय संसाधनों और मजूदरों की सहायता से सफाई का कार्य किया जा रहा है।

Uttarkashi disaster lake formed in Harshil has taken form of a swamp silt is present in one and a half km area
भागीरथी नदी में बनी झील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में सतर्क निगरानी बनाए रखते हुए समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह झील पांच अगस्त को तेलगाड में आए मलबे के कारण बनी है। वहीं रात में नदी में इसका जलस्तर बढ़ने के कारण हर्षिल और आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Uttarkashi disaster lake formed in Harshil has taken form of a swamp silt is present in one and a half km area
हर्षिल में पेड़ काटकर झील को खोलने का हो रहा प्रयास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

वहीं, कृत्रिम झील से पूरी तरह पानी निकासी के लिए भारी मशीनों की जरूरत महसूस की जा रही है। मार्ग बनने और पोकलेन पहुंंचने के बाद काम में तेजी आने की संभावना है। झील से मैनुअली मलबा हटा कर पानी निकासी को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन जो मलबा आया है, उसमें बड़े-बड़े बोल्डर भी है। ऐसे में पोकलेन जैसी मशीनों की कमी को महसूस किया जा रहा है। सिंचाई विभाग ने चार पोकलेन की व्यवस्था भी कर ली है, लेकिन सड़क बंद होने से समस्या बनी हुई है।

विज्ञापन
Uttarkashi disaster lake formed in Harshil has taken form of a swamp silt is present in one and a half km area
उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष सुभाष कुमार कहते हैं कि जो स्थितियां है, वहां पर पोकलेन के माध्यम से जल्द काम हो सकता है। अगर सड़क खुलने के बाद यह पहुंच जाती है तो दो से तीन दिन में झील सावधानीपूर्वक खोलने का काम पूरा किया जा सकता है। अभी मैनुअली जो भी संभव है, वह काम हो रहा है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन कहते हैं कि झील की निगरानी करने के साथ मैनुअली काम किया जा रहा है। पोकलेन पहुंचने के बाद काम में और गति आएगी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed