{"_id":"6aa19a2957ff7a963902fef9","slug":"convict-sentenced-and-fined-two-thousand-in-illegal-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1089-1062503-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: अवैध खनन मामले में दोषी को सजा, दो हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: अवैध खनन मामले में दोषी को सजा, दो हजार जुर्माना
Wed, 09 Sep 2026 11:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अवैध खनन और उपखनिज चोरी के एक मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी के जुर्म स्वीकार करने और उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे न्यायालय उठने तक की सजा और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 24 जून 2020 का है। विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हरबर्टपुर पुलिस चौकी इलाके में अवैध रूप से खनन कर उपखनिज चोरी करने के आरोप में पुलिस ने विकासनगर निवासी संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर अदालत में सुनवाई चल रही थी।
विचारण के दौरान आरोपी संदीप ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वेच्छा से स्वीकार कर लिया। उसने स्वयं को गरीब बताते हुए न्यायालय से कम से कम दंड देने की गुहार लगाई। अदालत ने आरोपी की दलीलों को सुनने और जुर्म कुबूलने पर उसे एक नया जीवन शुरू करने का अवसर देते हुए नरम रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे छह दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 24 जून 2020 का है। विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हरबर्टपुर पुलिस चौकी इलाके में अवैध रूप से खनन कर उपखनिज चोरी करने के आरोप में पुलिस ने विकासनगर निवासी संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर अदालत में सुनवाई चल रही थी।
विज्ञापन
विचारण के दौरान आरोपी संदीप ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वेच्छा से स्वीकार कर लिया। उसने स्वयं को गरीब बताते हुए न्यायालय से कम से कम दंड देने की गुहार लगाई। अदालत ने आरोपी की दलीलों को सुनने और जुर्म कुबूलने पर उसे एक नया जीवन शुरू करने का अवसर देते हुए नरम रुख अपनाया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे छह दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन