उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर से लोग दहशत में हैं। कुमाऊं मंडल के टनकपुर बनबसा में शारदा नदी के जलस्तर को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से बैराज पर वाहनों को रोक दिया गया है।
बनबसा में शारदा का जल स्तर 103149 क्यूसेक पहुंचा। जिसके चलते रेड अलर्ट जारी किया गया। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पागलनाला, टंगणी, हेलंग,मारवाडी पुल के समीप अवरूद्ध है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कल्याणी हरेती के पास मार्ग बाधित है।
प्रदेश में बारिश अपना कहर बरपा रही है। गौरीकुंड में हुए भारी भूस्खलन में 20 लोग लापता है। जिनकी खोजबीन के लिए अब ड्रोन कैमरा की मदद ली गई है। अभी तक किसी भी लापता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजन अपनों को मिलने की आस में यही बैठे इंतजार कर रहे हैं।
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गौरीकुंड में भूस्खलन
- फोटो : amar ujala
गौरीकुंड हादसे के बीच आज सुबह टिहरी जिले से भी एक बुरी खबर सामने आई। यहां दो भाई-बहन मलबे में दफन हो गए।
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गौरीकुंड में तोड़ी गई दुकानें
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मरोड़ा में प्रवीण दास के मकान के पीछे की दीवार टूटी। बच्चों के दादा प्रेमदास (60) के पैर पर हल्की चोट आई है।
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टिहरी में हादसा
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बच्चों के माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। चंबा थानाध्यक्ष एल एस बुटोला ने बताया कि बीती रात 2 बजे के लगभग मरोड़ा क्षेत्र में जमकर बारिश हुई है।
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टिहरी में मलबे में दफन हुए दो बच्चे
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सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक ल्वारखा,पुलिस चौकी सत्यो रात को मौके पर पहुंची। बच्चों को मलबे से निकाला गया। दोनों बच्चों को 108 सेवा की मदद से पीएचसी सत्यो पहुंचाया गया, जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।