उत्तराखंड के कुमाऊं में बुधवार को ठंड ने फिर करवट बदली। कड़ाके की ठंड के साथ ज्यादातर इलाके शीतलहर की चपेट में रहे। मुनस्यारी में रात में पारा गिरकर शून्य से नीचे गिरकर माइनस तीन डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से स्रोतों व नलों में पानी जमने लगा है। इससे लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। मुक्तेश्वर में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने पांच और छह जनवरी के लिए अत्यधिक ठंड को अलर्ट जारी किया है।
सर्दी का सितम: मुनस्यारी में पारा शून्य से नीचे, नलों में जमा पानी, शीतलहर ने किया बेहाल, तस्वीरें
वहीं, नैनीताल में नगर में इस वर्ष अब तक मौसम खुशनुमा बना हुआ है। तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। इस सीजन में नैनीताल में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है, जबकि बीते वर्ष अब तक दो बार हिमपात हो चुका था। इस सीजन में बारिश तक न होने से झील का जल स्तर भी उच्चतम स्तर से लगभग चार फुट नीचे है।
मंगलवार रात आसमान साफ रहन से पिथौरागढ़, बागेश्वर, गरुड़, कौसानी, ग्वालदम, बैजनाथ में जमकर पाला गिरा। इसके चलते सुबह और शाम के समय अधिक ठिठुरन महसूस की गई। पाला गिरने से फसलों को नुकसान हो रहा है। बागेश्वर और कपकोट में सुबह के समय कोहरा पसरा रहा।
बुधवार को प्रमुख स्थानों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
जगह - अधिकतम - न्यूनतम
बागेश्वर - 18 5.0
पिथौरागढ़ - 16.4 - 4.2
अल्मोड़ा - 15.0 - 2.0
खटीमा - 13.5 - 05
नैनीताल - 12 - 6.0
मुक्तेश्वर - 10.8 - 00
हल्द्वानी - 9.8 - 5.5
रुद्रपुर - 9.0 - 5.8
बारिश के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। 12 जनवरी और 13 जनवरी को प्रदेश में बारिश के आसार हैं। हालांकि इससे पूर्व पर्वतीय क्षेत्रों के ऊंचाई वाली जगहों पर आठ और नौ जनवरी के बीच हल्की बारिश की संभावना है। अगले दो दिन मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड (कोल्ड डे) की संभावना है।
- विक्रम सिंह, निदेशक, मौसम विभाग देहरादून