उत्तराखंड में गर्मी बढ़ते ही जंगल आग से धधकने लगे हैं। मंगलवार को टिहरी के थौलधार ब्लाक के नौली गांव में एनएच से लगे जंगल में आग भड़क गई। जिससे जंगल से लगी बस्ती में एक कच्चा मकान आग की चपेट में आ गया और वहां रखा शादी का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार ने नुकसान का मुआवजा देने की गुहार लगाई है। मौके पर पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक ने स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया है।
बुधवार दोपहर को हाईवे से सटे जंगल में लगी आग सड़क से 100 मीटर ऊपर गिरारी लाल के मकान तक पहुंच गई। इस दौरान परिवार के लोग घर से बाहर थे। वे जब तक घर पहुंचे, तब तक घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया था। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाकर दूसरे मकानों को जलने से बचा दिया।
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गिरारी लाल ने बताया कि घर में बेटी की शादी का सामान रखा था, जो पूरी तरह से राख हो गया। जिससे उनके सामने 13-14 अप्रैल को बेटी की शादी करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद करने की मांग की है।
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जंगल की आग ने घर को चपेट में लिया
- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंची ब्लाक प्रमुख प्रभा देवी ने बताया कि आगजनी से गिरारी को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रभावित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। गांव के बुद्धि सिंह बिष्ट ने आपदा मद से राहत देने की मांग की है। इस बाबत राजस्व उप निरीक्षक रविंद्र शाह ने बताया कि आगजनी से 50 हजार के नुकसान का आकलन किया गया है।
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जंगल की आग ने घर को चपेट में लिया
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जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है। उधर, चंबा नगर पालिका ऑफिस के पास जंगल में आग लग गई। काफी देर बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग ने स्थानीय निवासी रवि गुसाईं के सहयोग से आग पर काबू पाया। जाखणीधार में मठियाल के ऊपर जंगल भी देर शाम तक धधकता रहा।
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जंगल की आग ने घर को चपेट में लिया
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वहीं, यमुनोत्री हाईवे पर मंगलवार देर शाम को पोल गांव के पास लगी जंगल की आग से शहीद आशाराम स्मृति वन को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम नहीं लगाने पर रोष जताया है। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष व सभासद मुकेश टम्टा ने कहा कि वन विभाग आग की घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके चलते जंगलों में आग की घटनाएं नहीं थम रही हैं।
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जंगल की आग ने घर को चपेट में लिया
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इधर, डीएफओ केपी वर्मा का कहना है कि यह सिविल भूमि पर आग का मामला था। जिसमें आधा हेक्टेयर वन भूमि को नुकसान पहुंचा है। बताया कि अपर यमुना वन प्रभाग में अक्तूबर से अब तक वनाग्नि की सात घटनाएं हुई हैं, जिसमें करीब सात हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है।