उत्तराखंड में जंगलों की आग कम होने का नाम नहीं ले रही है। अभी फायर सीजन शुरू ही हुआ है कि उत्तराखंड के जंगल आग में खाक हो रहे हैं। कहीं-कहीं तो कई दिनों से जंगल धधक रहे हैं। गोपेश्वर के कोठियालसैंण के जंगलों में मंगलवार को चीड़ की सूखी पत्तियों पर आग भड़क गई। देखते ही देखते आग नर्सिंग कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय भवन के समीप पहुंच गई। नर्सिंग कॉलेज प्रशासन ने अग्निशमन दल को सूचना दी। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कॉलेज भवन आग की चपेट में आने से बच गया। वहीं, बदरीनाथ हाईवे के समीप के जंगलों में भी कई दिनों से आग भड़की हुई है। मंगलवार दोपहर तेज आंधी तूफान से आग ऊंचाई वाले जंगलों तक पहुंच गई, जिससे कई हेक्टेयर वन संपदा जलकर राख हो गई। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ आशुतोष सिंह का कहना है कि चीड़ के जंगलों में असामाजिक तत्वों की ओर से सूखी पत्तियों पर आग लगाई जा रही है। आग बुझाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। बीते दिनों हुई बारिश के कारण जंगलों की आग बुझ गई थी, लेकिन अब फिर से जंगलों में आग भड़कने लगी है। चमोली जिले में इस वर्ष अभी तक आग लगने की 72 घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 69.50 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। सबसे अधिक आग बदरीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत के जंगलों में लगी है। यहां अभी तक 21.30 हेक्टेयर जंगल जल चुका है, जबकि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत 19.45 हेक्टेयर, अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में 7.50 हे. और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क जोशीमठ में 4.25 हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं।
उत्तराखंड में जंगलों की आग से मचा हाहाकार, कई हेक्टेयर जंगल खाक, करोड़ों की वन सम्पदा बर्बाद, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 31 Mar 2021 03:18 PM IST
सार
- नर्सिंग कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय के समीप पहुंची आग
- चमोली में आग से अभी तक 69.50 हेक्टेयर जंगल जला
- गोदी गांव के पास जंगल में लगी आग, ग्रामीणों में अफरातफरी
- कई दिन से जल रहे कीर्तिनगर क्षेत्र के जंगल
- जंगल की आग से लैंसडौन छावनी कूड़ाघर जला
- वनाग्नि की घटनाएं बनी परेशानी का सबब
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन