दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी अलर्ट का असर योगनगरी में भी देखने को मिल रहा है। वीकेंड पर दिल्ली और हरियाणा से ऋषिकेश घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है। आलम यह है कि वीकेंड पर सैलानियों से गुलजार रहने वाले पर्यटक स्थल, राफ्टिंग प्वाइंट और जंगल कैंप सुनसान पड़े हैं।
दीपावली के बाद दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आबोहवा के सामान्य होने तक बच्चों, बूढ़ों और गर्भवती महिलाओं को घरों पर रहने की सलाह दी है। प्रदूषण के चलते लोग घरों में कैद होने का मजबूर हो गए हैं।
वीकेंड पर योगनगरी में सैर सपाटे, जंगल कैंपिंग और राफ्टिंग के रोमांच का मजा लेने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। इनमें अधिकांश पर्यटक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के होते हैं। ऋषिकेश, तपोवन, स्वार्गाश्रम, मुनिकीरेती क्षेत्र में वीकेंड पर होटल फुल हो जाते हैं।
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ऋषिकेश में कम हुई पर्यटकों की संख्या
- फोटो : अमर उजाला
वहीं हेंवल घाटी, शिवपुरी, तपोवन, घुघतानी और क्यारकी में जंगल कैंप पर्यटकों से पूरी तरह पैक नजर आते हैं। इस बार वीकेंड पर बेहद कम संख्या में पर्यटकों ने योगनगरी का रुख किया था। हाल यह था कि होटल और कैंप संचालक इंतजार करते रहे, लेकिन पर्यटक नहीं आए।
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ऋषिकेश में कम हुई पर्यटकों की संख्या
- फोटो : अमर उजाला
नीलकंठ मंदिर, त्रिवेणी घाट, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, मुनिकीरेती, नीरगड्डू वाटर फाल, पटना वाट फाॅल, हेंवल नदी-गंगा संगम स्थल, गरुणचट्टी, प्राकृतिक गंगा तटों पर बेहद कम पर्यटक चहलकदमी करते नजर आए।
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ऋषिकेश में कम हुई पर्यटकों की संख्या
- फोटो : अमर उजाला
हर बार वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इस बार वीकेंड पर कम संख्या में पर्यटक पहुंचे। पर्यटकों की आमद कम होने से होटल व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
अनुसूया प्रसाद पांडेय, होटल व्यवसायी
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ऋषिकेश में खाली पड़ा घाट
- फोटो : अमर उजाला
मानसून सीजन के बाद राफ्टिंग शुरू होने से धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही थी। लेकिन बीते तीन दिनों के दौरान पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। उम्मीद है कि आने वाले वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या फिर बढ़ेगी।
- जीतपाल सिंह, राफ्टिंग व्यवसायी