फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

उत्तराखंड: नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब इस बात को लेकर आमने-सामने आए मुख्यमंत्री तीरथ और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र

Tue, 16 Mar 2021 01:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 16 Mar 2021 01:21 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand News: CM Tirath singh rawat And Former CM Trivendra singh rawat Rawat Dispute about Kumbh Sop
सीएम तीरथ सिंह रावत/ पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड में हाल ही में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब सीएम तीरथ सिंह रावत और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत कुंभ को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। इसके बाद अब यह तो तय हो गया है कि हरिद्वार में महाकुंभ के आयोजन में रोक-टोक, कोरोना एहतियात को लेकर नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नजरिए में जमीन-आसमान का फर्क है।



त्रिवेंद्र सिंह कोरोना एहतियात के मुद्दे पर महाकुंभ को बेहद सीमित करना चाहते थे। उनके निर्देश पर सारे प्रशासनिक आदेश भी इसी नजरिए से किए गए थे। इसके उलट तीरथ सिंह रावत जन भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

उत्तराखंड: पांच दिन में ही सोशल मीडिया पर पांच गुना बढ़े सीएम तीरथ के फॉलोअर्स, चर्चा में हैं ये पांच फैसले  

कोरोना को लेकर मास्क, सैनिटाइजर जैसे एहतियात को उन्होंने भी जरूरी बताया है लेकिन इस मुद्दे पर वह श्रद्धालुओं पर किसी तरह की रोक-टोक के खिलाफ हैं। वे कुंभ को विस्तारित और बेहद भव्य बनाना चाहते हैं। इसी क्रम में एक कदम आगे बढ़कर वह कहते हैं कि इस मुद्दे पर एक बार वह अपने बड़े नेताओं की डांट सुन लेंगे मगर 12 साल में एक बार होने वाले धार्मिक आयोजन को सीमित नहीं करेंगे। 

Uttarakhand News: CM Tirath singh rawat And Former CM Trivendra singh rawat Rawat Dispute about Kumbh Sop
तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कुंभ में लोगों पर कोई रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। मैंने अधिकारियों को साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के यहां मेरी पेशी लगेगी तो वे पूछेंगे, डांटेंगे, कोई दिक्कत नहीं। लेकिन कुंभ में अखाड़ों, व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन पर कोई रोक टोक नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में भय का वातावरण बना था।  कुंभ कोई मेला नहीं है। ये 12 साल में आता है। लोगों की भावनाएं और आस्थाएं इससे जुड़ी हैं। जब मैं दिल्ली में था, लोग मुझसे पूछते थे कि तुम्हारे यहां कुंभ में कैसे आएंगे? संदेश सबसे बड़ी चीज होती है। मैंने सचिव को कहा। हमें अखाड़ों का सम्मान करना है। साथ ही हमें लोगों की भावनाओं और आस्था का ख्याल करना है।

Uttarakhand News: CM Tirath singh rawat And Former CM Trivendra singh rawat Rawat Dispute about Kumbh Sop
उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

अखाड़ों की शोभायात्रा निकलेगी और उसे देखने वाला कोई नहीं होगा तो उसमें क्या मजा आएगा। मुझे बताया गया कि गाइडलाइन है। मैंने कहा कि गाइडलाइन के अनुसार, मास्क और सैनिटाइजर की अनिवार्यता करते हुए सबको आने दिया जाए। मोदी जी मुझसे पूछेंगे। मुझे डांटेंगे। जवाब मैं दूंगा। पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह मेरी पेशी लगाएंगे। क्या दिक्कत है? वे निगेटिव रिपोर्ट की बात करते हैं। कई लाख लोग आएंगे, कितनों को चेक करोगे। मैंने पहले दिन बोल दिया था हेलीकॉप्टर लगाओ, फूलों की बारिश कराओ। संदेश साफ होना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Uttarakhand News: CM Tirath singh rawat And Former CM Trivendra singh rawat Rawat Dispute about Kumbh Sop
सीएम तीरथ सिंह रावत/ त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महाकुंभ में कोविड के खतरे को लेकर चिंता जताई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में कोविड के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। कुंभ राज्य का नहीं बल्कि देश एवं दुनिया का पर्व है। इसलिए जोखिम नहीं लेना चाहिए। कोविड से बचाव और उसके फैलाव को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कुंभ में श्रद्धालु निमंत्रण से नहीं आते हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था, श्रद्धा, विश्वास और स्वेच्छा से आते हैं। ऐसे में श्रद्धालु पहले भी आते और अब भी आएंगे। रविवार को देश में 25 हजार नए केस आए हैं। पहले तीन राज्यों में चिंताजनक स्थिति थी, जो अब बढ़कर सात राज्यों तक पहुंच गई है। ऐसी महामारी में किसी भी तरह का जोखिम ठीक नहीं है।

विज्ञापन
Uttarakhand News: CM Tirath singh rawat And Former CM Trivendra singh rawat Rawat Dispute about Kumbh Sop
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

संक्रमण को फैलने से रोकने की जिम्मेदारी सभी की है। अच्छी बात है कि आज टीकाकरण हो रहा है, लेकिन टीके का असर 42 दिन के बाद होता है। आबादी के अनुपात में टीके की देश में उपलब्धता भी नहीं है। लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता भी नहीं है। मोदी सरकार के इतने प्रयासों के बाद भी लोग टीका लगाने के प्रति सजग नहीं हैं। किसी अस्पताल को रोजाना टीके का 200 का कोटा जारी हो रहा है तो वहां 150 से 160 लोग ही लगवा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता के साथ हम सबकी जिम्मेदारी की जरूरत है। समझने की जरूरत है कि कैसे राज्य को बचाना है। देश में बढ़ते केस चिंताजनक हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed