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देहरादून: विकासनगर में नए यमुना घाट पहुंचे सीएम धामी, 21 फीट ऊंची मूर्ति का किया अनावरण, विपक्ष पर साधा निशाना

Thu, 17 Sep 2026 06:12 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून)
संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून) Published by: Alka Tyagi Updated Thu, 17 Sep 2026 06:12 PM IST
सार

सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया कि कालसी के पौराणिक स्वरूप को वापस लौटना है। आज वह संकल्प पूरा हो रहा है।

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Dehradun: CM Dhami visited the new Yamuna Ghat in Vikasnagar and unveiled a 25-foot-tall statue
यमुूना घाट पर सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार और ऐतिहासिक नगरी हरिपुर (कालसी) एक बार फिर अपने पुराने पौराणिक वैभव की ओर लौट रहा है। बृहस्पतिवार को विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर में मां यमुना की 21 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का अनावरण और नवनिर्मित यमुना घाटों का लोकार्पण किया। शाम के समय यमुना तट 2100 दीपों की रोशनी से जगमगा उठा और ऋषिकेश-हरिद्वार की तर्ज पर हुई भव्य महाआरती से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

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मुख्यमंत्री धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हरिपुर-कालसी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यंत व्यापक है। किसी समय में यहां बड़े मंदिर, धाम और धर्मशालाएं हुआ करती थीं। सम्राट अशोक ने मानवीय आदर्शों को स्थापित करने के लिए यहीं शिलालेख बनवाया था। माना जाता है कि भयंकर बाढ़ में यह वैभवशाली नगरी बह गई थी, जिससे समीपवर्ती कस्बे का नाम बाढ़वाला पड़ा। सरकार अब स्थानीय ''लोक पंचायत जमुना तीर्थ समिति'' के साथ मिलकर हरिपुर के पुराने वैभव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
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उन्होंने बताया कि हरिपुर वह पवित्र संगम स्थली है, जहां यमुना, तमसा, नोर और अमलावा नदियां मिलती हैं। प्राचीन काल में इसे बुधपुरी के नाम से जाना जाता था, जिसका संबंध महर्षि वेदव्यास से भी रहा है। चीनी यात्री ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत और कुलिंद जनपद की राजधानी के रूप में इसकी पहचान इसके स्वर्णिम अतीत की गवाही देते हैं।
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हनोल व लाखामंडल का होगा आध्यात्मिक विकास
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। नए संसद भवन में लगे अखंड भारत के मानचित्र में कालसी का नाम अंकित होना इस क्षेत्र की पौराणिक पहचान का बड़ा प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यमुना घाटों के निर्माण के साथ ही हनोल को मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है, जिस पर 120 करोड़ रुपये के कार्य गतिमान हैं। जल्द ही लाखामंडल क्षेत्र को भी आध्यात्मिक गलियारे के रूप में विकसित कर जौनसार-बावर के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक बड़े पर्यटन परिपथ से जोड़ा जाएगा।

मंदिर बन रहे हैं घाट बना रहे हैं तो विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा
सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष हमारे इतिहास और धार्मिक भावनाओं की उपेक्षा करती है। विपक्ष ने कभी घाट और मंदिर का निर्माण नहीं किया। हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति की। मंदिरों का निर्माण रुकवाया। कालसी में जमुना घाट और मूर्ति का निर्माण नहीं कर पाए। आज जब मंदिर बन रहे हैं घाट बना रहे हैं तो विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है अपच हो रही है। सरकार कोई भी काम करती है विपक्ष की आवाज उठने लगती है।

सरकार सुझाव मांग रही है, लेकिन कोई नहीं आया। अब चुनाव आ गया हैं विपक्ष को त्योहार याद आ रहे हैं। हल्द्वानी में भी घटना हुई। जिहादी नारे लगाए गए, जब राम सेना ने विरोध किया तो विपक्ष ने घटना को दूसरा रंग दे दिया। हमारी सरकार घोषणा करने वाली नहीं है, हम धरातल पर भी काम करते हैं। अब यहां रोजगार के नए अफसर पैदा होंगे। महिला स्वयं सहायता समूह के उत्पादन को विपणन मिलेगा। जहां होमस्टे और होटल बनेंगे। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पूरे देश में परिवर्तन दिख रहा है। हम विरासत और विकास को साथ लेकर काम करते हैं।

Dehradun: CM Dhami visited the new Yamuna Ghat in Vikasnagar and unveiled a 25-foot-tall statue
2100 दीपों से जगमगाया घाट, गूंजे जयकारे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम को यमुना तट पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सीएम धामी, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने 2100 दीप प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद परमार्थ निकेतन आश्रम के आचार्य दीपक शर्मा के निर्देशन में बटुकों ने ऋषिकेश व हरिद्वार की तर्ज पर विधिविधान से यमुना की सांध्यकालीन महाआरती संपन्न कराई। इस दौरान पूरा हरिपुर घाट जयकारों से गूंज उठा। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने की शपथ दिलाई और अंत में राष्ट्रगान हुआ।


 
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