यमुनोत्री धाम: राम मंदिर के पास खतरा बरकरार, खोखले हिस्से से जोखिम उठाकर आवाजाही कर रहे हैं श्रद्धालु
यमुनोत्री धाम में यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए सुधार कार्य चल रहा है, लेकिन राम मंदिर के पास क्षतिग्रस्त हिस्सा अब भी चिंता का कारण बना है। मार्ग का एक हिस्सा भीतर से खोखला होने के बावजूद श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही जारी है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
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यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अंतिम दौर में सुधार कार्य चल रहे हैं लेकिन राम मंदिर के पास क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग अब भी चिंता का कारण बना है। बीते 29 जुलाई को क्षतिग्रस्त हुए हिस्से पर सुधार कार्य की गति धीमी होने से श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही जोखिम के बीच जारी है। पैदल मार्ग का एक हिस्सा भीतर से खोखला होने के कारण किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल के यमुनोत्री धाम भ्रमण के बाद पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए राम मंदिर समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुधार कार्य तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद राम मंदिर के पास क्षतिग्रस्त हिस्से का काम अभी अधूरा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मार्ग पर लगातार यात्रियों और पशुओं की आवाजाही हो रही है, तो संवेदनशील हिस्से को पूरी तरह सुरक्षित किए बिना आवाजाही कैसे जारी है।
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स्थानीय महावीर पंवार, मनमोहन उनियाल और सुरेश उनियाल ने कहा कि यात्रा मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और घोड़े-खच्चर गुजरते हैं। खोखले हिस्से की तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराने के साथ निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करवाने की मांग की। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के अंतिम प्रयासों के बीच यह अधूरा हिस्सा व्यवस्था की तैयारियों पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।