उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रविवार रात को बादल फटने की घटना के बाद तीन गांवों में बर्बादी का मंजर पसर गया है। रविवार रात को आई इस आपदा में तीन लोगों की मौत हो गई है। सोमवार सुबह ग्राउंड जीरो का नजारा बेहद खौफनाक दिखा।
उत्तराखंड: उत्तरकाशी में बादल फटने से तीन की मौत, ध्वस्त घरों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के करीब तीन गांवों में कुदरत का कहर टूटा है। रविवार की रात अतिवृष्टि से इन गांवों में पहाड़ों, गदेरों और जलस्रोतों से आए बड़ी मात्रा में मलबे से कई घरों को खासा नुकसान पहुंचा। जिसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
उत्तरकाशी: देर रात बरपा कुदरत का कहर, बादल फटने से चार गांवों में मची तबाही, तस्वीरें...
मांडो गांव के लगभग नौ घर मलबे की चपेट में आए हैं, जिनमें कई लोगों और वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसटीएफ और पुलिस पहुंच गई है और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा निराकोट और पनवाड़ी में भी मलबा आने से खासा नुकसान पहुंचा है।
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बर्बादी का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
गांव के देवानंद भट्ट ने बताया कि रात लगभग साढ़े आठ बजे के करीब पानी के तेज प्रवाह के साथ मलबा उनके घरों तक पहुंचा। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला, क्योंकि मौसम खराब होने की वजह से ज्यादातर लोग घरों में ही थे।
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बर्बादी का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
उनकी पत्नी, भाभी और तीन साल की भतीजी उनके घर के मलबे में दब गए हैं। इसके अलावा मांडो के आठ अन्य घरों में खासा नुकसान होने की बात कही जा रही है।
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बर्बादी का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
फिलहाल किस घर में कितने लोग दबे हैं, अथवा संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है इसका ब्योरा नहीं मिल पाया है। मलबा सड़क की ओर भी आया जहां कई वाहनों के भी इसमें दबे होने की आशंका जताई गई है।
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बर्बादी का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंचे भटवाड़ी के एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि भारी बारिश से गदेरे में पानी आने से गांवों की ओर मलबा आया है। तीन लोग लापता बताए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी से घटना को दुखद बताते हुए कहा, ईश्वर से सभी के कुशल होने की कामना करता हूं।