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Dehradun: शहीद बेटे को तिरंगे में लिपटा देख गर्व से भर गई मां, भरी आंखों से बोली...देखो मेरा शेर आ गया

Wed, 05 Apr 2023 03:00 AM IST
अलका त्यागी प्रदीप चौधरी/शर्मानंद बिजल्वाण, अमर उजाला, सेलाकुई
प्रदीप चौधरी/शर्मानंद बिजल्वाण, अमर उजाला, सेलाकुई Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 05 Apr 2023 03:00 AM IST
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Uttarakhand Martyr Soldier Assistant Commandant tikam Singh Funeral Mother says Proud of my son
शहीद के परिजन - फोटो : अमर उजाला

शाम करीब साढ़े तीन बजे शहीद टीकम सिंह नेगी का शव घर पहुंचा। शहीद के ताबूत को देख मां मनोरमा नेगी बिलख-बिलख कर रोने लगी। बोली मेरा शेर आ गया। मैं बेटे को ट्रेनिंग के लिए मसूरी छोड़कर आई थी। मेरा बेटा बहादुर था। अब मैं बिना बच्चे के कैसे रहूंगी। बोली मैं अपने बहादुर बेटे की शहादत पर आंसू नहीं बहाऊंगी।



Dehradun: शहीद बेटे का पार्थिव शरीर देख बिलख पड़े परिजन, खानदान के इकलौते चिराग थे टीकम, तस्वीरें

उन्होंने बेटे के शहीद होने पर आईटीबीपी के अधिकारियों के समक्ष नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जवाब चाहिए कि आखिर बेटा कैसे शहीद हुआ। बिलखते हुए बोली उनके खानदान की तीन पीढ़ी फौज में रही। इस दौरान हर किसी की आंखें भर आईं। परिजनों और लोगों ने किसी तरह मां मनोरमा नेगी को ढांढस बंधाई।

Uttarakhand Martyr Soldier Assistant Commandant tikam Singh Funeral Mother says Proud of my son
शहीद टीकम सिंह नेगी का पार्थिव शरीर पहुंचा देहरादून - फोटो : अमर उजाला

बूढ़ी दादी मकानी देवी भी पोते के ताबूत को देख बिलख पड़ी। इस दौरान कई बार उन्होंने बेटे को सैल्यूट किया। इस दौरान पत्नी को ढांढस बंधाते हुए शहीद के पिता राजेंद्र सिंह नेगी बोले कि हम रोकर बेटे की शहादत को कम क्यों करें।

Uttarakhand Martyr Soldier Assistant Commandant tikam Singh Funeral Mother says Proud of my son
शहीद टीकम सिंह नेगी का पार्थिव शरीर पहुंचा घर - फोटो : अमर उजाला

शहीद के पिता राजेंद्र सिंह नेगी मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के सौराखाला गांव के निवासी थे। वर्षों पूर्व उनके पिता सहसपुर विकासखंड के राजावाला गांव में आकर बस गए थे।  टीकम सिंह नेगी अपने खानदान के इकलौते चिराग थे।

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शहीद टीकम सिंह का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

उनकी एक छोटी बहन माधुरी है, जिसका विवाह हो चुका है। टीकम के दादा और पिता भी परिवार के इकलौते चिराग थे। वहीं शहीद टीकम का भी एक ही बेटा है। टीकम के शहीद होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।

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शहीद टीकम सिंह का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

टीकम सिंह नेगी के दादा स्वर्गीय सुंदर सिंह नेगी फौज में थे। वे हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पिता राजेंद्र सिंह नेगी भी फौज में रहे। वे सूबेदार मेजर के पद से रिटायर्ड हुए थे। यही वजह थी कि शहीद टीकम सिंह नेगी में भी वर्दी को लेकर जुनून था। 

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