लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

अब सिर्फ देह का इंतजार:आज पहुंचेगा शहीद चंद्रशेखर का पार्थिव शरीर, 38 साल से भीगतीं आंखों को होंगे अंतिम दर्शन

न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 17 Aug 2022 10:14 AM IST
शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला का परिवार
1 of 5
विज्ञापन
सियाचिन में 38 साल पहले शहीद हुए लांसनायक चंद्रशेखर की पार्थिव देह खराब मौसम के चलते मंगलवार को घर नहीं लायी जा सकी। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक लेह-लद्दाख में मौसम सामान्य होते ही पार्थिव शरीर को हल्द्वानी लाया जाएगा।

द्वाराहाट (अल्मोड़ा) के हाथीगुर बिंता निवासी चंद्रशेखर हर्बोला 19-कुमाऊं रेजीमेंट में लांसनायक थे। मई 1984 में सियाचिन में पेट्रोलिंग के दौरान 20 सैनिकों की टुकड़ी ग्लेशियर की चपेट में आ गई थी। इनमें लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला समेत किसी भी सैनिक के बचने की उम्मीद नहीं रही।

बीते 14 अगस्त को उनके परिजनों को पार्थिव शरीर मिलने सूचना दी गई। पार्थिव शरीर मंगलवार को हल्द्वानी लाया जा रहा था, लेकिन खराब मौसम रुकावट बन गया। अब बुधवार को पार्थिव शव लाये जाने की बात कही जा रही है।
इधर, शहीद चंद्रशेखर का पार्थिव मिलने की सूचना पर 38 साल पुराना दर्द एक बार फिर उनके परिजनों की आंखों में उतर आया।
शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला का परिवार
2 of 5
एक तरफ शहीद की वीरांगना शांति देवी का पिछले तीन दिन से रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं 38 साल से पिता का इंतजार कर रहीं बेटियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को शहीद का पर्थिव शरीर उनके घर पहुंचना था।
विज्ञापन
शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला
3 of 5
सैन्य अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को सम्मान और श्रद्धांजलि देने की पूरी तैयारियां कर ली थीं। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए परिजनों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि पार्थिव शरीर चॉपर से हल्द्वानी लाया जाएगा।
शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला
4 of 5
मंगलवार को लेह में मौसम बिगड़ने की वजह से पार्थिव शरीर नहीं लाया जा सका। मौसम में सुधार होने पर बुधवार को पार्थिव शरीर पहले चंडीगढ़ फिर हल्द्वानी लाया जाएगा। सियाचिन में शहीद हुए लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला की शहादत पर उन्हें अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हल्द्वानी आने वाले थी। सभी तैयारियां कर ली गई थीं।

ये भी पढ़ें...38 साल का इंतजार: जवानों के पार्थिव शरीर पहुंचे तो दो और परिवारों की बंधी आस, झकझोर देंगे पत्नियों के ये शब्द

 
विज्ञापन
विज्ञापन
शहीद लांसनायक चंद्रशेखर हर्बोला की पत्नी
5 of 5
मंगलवार को करीब 11 बजे सूचना विभाग की ओर से मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जारी हुआ। दोपहर डेढ़ बजे मुख्यमंत्री को शहीद के घर पहुंचना था। हालांकि शहीद के पार्थिव शरीर के न पहुंचने पर मुख्यमंत्री का दौरा भी रद्द कर दिया गया। 
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00