उत्तराखंड में आज तीरथ सिंह रावत सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। राजभवन में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने तीरथ कैबिनेट के 11 मंत्रियों को शपथ दिलाई। पहले कैबिनेट में शामिल शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सात पुराने और चार नए कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली। बता दें कि बीते मंगलवार को त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफा देने के बाद बुधवार को गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड का नया सीएम बनाया गया था। जिसके बाद आज तीरथ सरकार के मंत्रिमंडल का गठन किया गया।
उत्तराखंड: तीरथ कैबिनेट में इन 11 मंत्रियों को मिली जगह, जानिए उनके बारे में खास बातें...
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बंशीधर भगत कालाढूंगी विधायक एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
- बंशीधर भगत अब तक छह बार विधायक बन चुके हैं।
- वह वर्ष 1975 में जनसंघ पार्टी से जुड़े। इसके बाद उन्होंने किसान संघर्ष समिति बनाकर राजनीति में प्रवेश किया।
- राम जन्मभूमि आंदोलन में वह 23 दिन अल्मोड़ा जेल में रहे।
- 1989 में उन्होंने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के जिला अध्यक्ष का पद संभाला।
- 1991 में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल से विधायक बने।
- 1993 व 1996 में नैनीताल के विधायक बने।
- उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री, पर्वतीय विकास मंत्री, वन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला।
- 2000 में राज्य गठन के बाद वह उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रहे।
- 2007 में हल्द्वानी विधानसभा से वह चौथी बार विधायक बने। उत्तराखंड सरकार में उन्हें वन और परिवहन मंत्री बनाया गया।
- 2012 में परिसिमन कालाढूंगी विधानसभा से फिर जीते।
- 2017 के विधानसभा चुनाव में छठी जीत दर्ज की।
- इसके बाद वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
- बंशीधर भगत रामलीला मंचन में राजा दशरथ के पात्र का अभिनय करते हैं।
-2021 में तीरथ सिंह रावत की कैबिनेट में मंत्री बने। पूर्व में ये उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे।
यतीश्वरानंद हरिद्वार ग्रामीण विधायक(राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार)
- स्वामी यतीश्वरानंद करनाल जिले के गांव कैमला के रहने वाले हैं।
- 18 साल पहले गांव छोड़ दिया था। देश सेवा को प्राथमिकता दी और शादी नहीं की।
- वे उत्तराखंड विधानसभा की हरिद्वार ग्रामीण सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते हैं।
- उन्होंने उत्तराखंड के दिग्गज नेता एवं निवर्तमान सीएम हरीश रावत को 12997 मतों से हराया थ।
- स्वामी यतीश्वरानंद ने संस्कृत में पीएचडी की है।
- पांच भाइयों में स्वामी यतीश्वरानंद सबसे छोटे हैं।
- 2021 में उन्होंने राज्यमंत्री के पद पर शपथ ली। उन्हें नए चेहरे के तौर पर जगह दी गई।
बिशन सिंह चुफाल डीडीहाट विधायक
- 1982 में बांकू गांव के ग्राम प्रधान बने।
- 1983 में डीडीहाट ब्लाक के ब्लाक प्रमुख बने।
- 1989 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा, हार गये।
- 1996 में फिर भाजपा टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
- उत्तराखंड गठन के बाद 2000 से 2002 तक कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के अध्यक्ष रहे।
- 2003 से 2007 तक विधायक रहे।
- 2007 से 2012 तक पहले ढाई साल कैबिनेट मंत्री रहे, फिर अगले ढाई साल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
- 2013 से 2017 तक विधायक रहे। 2017 में फिर लगातार पांचवी बार विधायक बने।
2021 में तीरथ कैबिनेट में उन्हें नए चेहरे के तौर पर जगह दी गई।
- पूर्व में उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं।
- यशपाल आर्य पहली बार 1989 में खटीमा सितारगंज सीट से विधायक बने थे।
- वह काफी समय तक कांग्रेस पार्टी में भी रहे हैं।
- 2021 में उन्हें तीरथ कैबिनेट में जगह दी गई। यशपाल आर्य त्रिवेंद्र सरकार में परिवहन मंत्री थे।