मसूरी के 200 साल के गौरवमय इतिहास को संजोए दस्तावेज, फोटोग्राफ, लिथोग्राफ पेंटिंग ठीक से रखरखाव न होने की वजह से नष्ट होते जा रहे हैं। सालों से पर्यटन नगरी में म्यूजियम के निर्माण की मांग उठ रही है, जिस पर अब जाकर नगर पालिका परिषद ने संज्ञान लिया है। जल्द ही इन दुर्लभ दस्तावेजों को उनका घर मिल जाएगा।
Mussoorie: यहां बक्सों में कैद है पहाड़ों की रानी के 200 साल का इतिहास, अब ऐसे जान पाएंगे लोग
युवा पीढ़ी को मिलेगा इतिहास जानने का मौका
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीद मदनमोहन ममगाईं के पुत्र मुकुल ममगाईं ने कहा कि मसूरी में म्यूजियम बनना बहुत ही अच्छी बात है। इसके निर्माण से युवाओं को मसूरी का इतिहास जानने में बहुत मदद मिलेगी। उत्तराखंड शहीद स्मारक समिति मसूरी के अध्यक्ष और शहीद हंसा धनाई के पति भगवान सिंह धनाई ने कहा कि शहीद स्थल पर म्यूजियम बनने से देश-विदेश के पर्यटक यहां आएंगे और बड़ी आसानी से मसूरी के इतिहास को जान पाएंगे। साथ ही युवा पीढ़ी भी यहां आकर मसूरी के इतिहास से प्रेरणा ले सकेगी।
87 लाख की लागत से बन रहा म्यूजियम, मार्च तक हो जाएगा काम पूरा
नगर पालिका परिषद की ओर से 87 लाख रुपये की लागत से झुलाघर स्थित शहीद स्थल पर म्यूजियम का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण अक्तूबर में शुरू हुआ था जो मार्च तक पूरा हो जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद म्यूजियम के संचालन के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। इसके बाद चयनित संस्था ही म्यूजियम का इंटीरियर डिजाइन करेगी और मसूरी के इतिहास के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालेगी।
म्यूजियम में रखा जाए राज्य आंदोलनकारियों का संपूर्ण इतिहास
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी संगठन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि म्यूजियम में राज्य आंदोलनकारियों के संपूर्ण इतिहास को भी रखा जाए। जिससे युवा आंदोलन के शहीदों और उनके संघर्षों से रूबरू हो सकें।
मसूरी के इतिहास को संरक्षित करने के लिए म्यूजियम का निर्माण कराया जा रहा है। मार्च 2023 तक काम पूरा हो जाएगा।
- अनुज गुप्ता, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद मसूरी