साबिर पाक के 752वें सालाना उर्स के मौके पर अकीदतमंदों ने बृहस्पतिवार को पिरान कलियर में हजरत गौस पाक रहमतुल्लाह अलैहि की छोटी रोशनी मनाई गई। इस दौरान पूरी दरगाह को रोशन किया गया। जायरीनों ने बड़ी संख्या में साबिर पाक की दरगाह में चादर पेश कर अपनी मन्नतें मांगी।
साबिर पाक के सालाना उर्स पर 11 रबीउल अव्वल को हजरत गौस पाक रहमतुल्लाह अलैहि की छोटी रोशनी की रस्म अदा की गई। उर्स में छोटी रोशनी में बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। छोटी रोशनी की इस रिवायती रसुमात को सज्जादा नशीन शाह मंसूर ऐजाज साबरी और नायब सज्जादा नशीन शाह अली ऐजाज साबरी ने तिलावते कलाम-ए-पाक के साथ शुरुआत की।
इन रस्मों को संपन्न कराने में शाह कासिफ ऐजाज साबरी, शाह सुहैल, हाफिज अब्दुल वाहिद, सऊद साबरी, शाह खालिक मियां, शाह नय्यर अजीम फरीदी, शाह यावर अली, शफीक साबरी, सूफी राशिद साबरी, गाजी मियां, राजी मियां, अदील हबीब, सूफी इसरार साबरी, अदनान हबीब आदि का सहयोग रहा। इस दौरान जायरीनों ने दरगाह साबिर पाक में खराजे अकीदत पेश किया। इस मौके पर मजार शरीफ पर चादर और फूलपोशी करने वालों की लंबी कतार लगी रही।
12 रबीउल अव्वल को ईद मिलादउन्नबी के मौके पर आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। हर साल ईद मिलादुन्नबी के मौके पर हर जगह बड़े बड़े जुलूस निकलते थे, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते जुलूस पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस बार ईद मिलादुन्नबी पर मजलिसों और कुरान ख्वानी का आयोजन ही किया जाएगा।
साबिर पाक उर्स में भीड़ के चलते सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। उर्स की छोटी रोशनी पर जायरीनों ने घंटों लाइन में लगकर जियारत की। साबिर पाक के सालाना उर्स में कोविड-19 के नियमों का पालन कराने के लिए प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की है। इसके लिए प्रशासन ने शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए बल्लियां और बैरिकेडिंग लगाए थे, लेकिन उर्स की छोटी रोशनी पर सामाजिक दूरी कहीं नजर नहीं आई। लाइनों में जायरीन एक-दूसरे से सटे नजर आए।