नैनीताल के मयंक तिवारी आजकल रिलीज से पहले चर्चाएं बटोर रही फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म की पटकथा लिखने पर बेहद खुश हैं। उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत में अपने अनुभव साझा किए।
देवभूमि से है 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' फिल्म का बड़ा कनेक्शन, पढ़िए फिल्म की खास बातें
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नए साल की शुरुआत से ही मयंक तिवारी अपनी नई फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर चर्चाओं में हैं। उन्होंने बताया कि संजय बारू की इस पुस्तक को एक फिल्म की पटकथा में पिरोना आसान काम नहीं था। इसके लिए उन्होंने निर्देशक विजय रत्नाकर गुट्ट, कार्ल दुने और आदित्य सिन्हा के साथ मिलकर आठ महीने तक मेहनत की है।
हर पहलू को कम शब्दों में ढालकर पेश करने के लिए उन्होंने इस पुस्तक को कम से कम आठ बार पढ़ा होगा। कई बार तो पटकथा लिखते थे और फिर किसी खास बिंदु की वजह से उसे बदलना पड़ता था। अब फिल्म तैयार हो चुकी है तो इसे पर्दे पर देखने के लिए वह भी बेताब हैं।
मयंक तिवारी मूलरूप से नैनीताल के निवासी हैं। उन्होंने पहले अंग्रेजी समाचार पत्रों में पत्रकारिता करने के बाद बॉलीवुड की राह चुनी। गत वर्ष उनकी लिखी न्यूटन फिल्म ने खूब चर्चाएं बटोरी।