पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सुषमा स्वराज का पर्यटन नगरी रानीखेत से भी गहरा लगाव था। साल 2002 में नवगठित उत्तराखंड राज्य के पहले विधानसभा चुनाव के दौरान वे यहां भी आईं थीं। वह तब केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री थीं।
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उत्तराखंड में सुषमा स्वराज
- फोटो : अमर उजाला
एतिहासिक खड़ी बाजार में भाजपा कार्यकर्ताओं ने परंपरागत कुमाऊंनी तरीके से उनका स्वागत किया। सत्कार से सुषमा स्वराज इतना खुश हुईं कि उन्होंने सिर पर कलश रखकर कह दिया कि रानीखेत उनका मायका है।
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2002 में राज्य के पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से वर्तमान सांसद अजय भट्ट तब विधायक प्रत्याशी के तौर पर रानीखेत से चुनाव मैदान में थे। पांच फरवरी को तत्कालीन केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री सुषमा स्वराज की यहां जनसभा तय हुई। वह अपराह्न मजखाली हेलीपैड पर उतरीं और खड़ी बाजार पहुंचीं।
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उत्तराखंड में सुषमा स्वराज
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सैकड़ों की तादाद में यहां मौजूद लोगों ने उनका तालियों से स्वागत किया। जैसे ही सुषमा स्वराज मंच पर पहुंचीं, वहां मौजूद विधायक प्रत्याशी अजय भट्ट, रवि मोहन अग्रवाल, राजेंद्र बिष्ट, स्वर्ण कुमारी मिश्रा सहित तमाम नेताओं और कई महिला कार्यकर्ताओं ने परंपरागत कुमाऊंनी पिछौड़ा ओढ़ाकर उनका स्वागत किया।
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बाद में उन्हें स्टील का कलश भेंट किया। वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र पपने ने उस वक्त के स्वागत की तस्वीर अमर उजाला को प्रदान की। सुषमा स्वराज के ओजस्वी भाषणों को सुनकर वहां मौजूद जनता ने जमकर तालियों से उनका स्वागत किया। उनके निधन से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।