सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण कानून की कुंभनगरी में खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। दिन के अलावा देर रात को भी कांवड़िए तेज आवाज में डीजे सिस्टम बजा रहे हैं। सियासी हथकड़ी चलते पुलिस ने भी चुप्पी साधी हुई है। कानफोड़ू शोर से शहर के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कांवड़ यात्रा 2018: तस्वीरों में देखें, कैसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, पुलिस चुप
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उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने पर पाबंदी से इनकार कर दिया था। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तो खुलकर इसके पक्ष में बयानबाजी भी की थी। इसी का परिणाम है कि यूपी के साथ बाहरी प्रदेशों से आने वाले कांवड़िए तेज ध्वनी वाले डीजे सिस्टम लेकर कांवड़ लेने आ रहे हैं।
उत्तराखंड पुलिस डीजे बजाने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं थी, लेकिन भाजपा के कुछ विधायकों ने पाबंदी का विरोध कर दिया था। इसके बाद प्रदेश सरकार को एलान करना पड़ा कि डीजे पर पाबंदी नहीं नियंत्रण रहेगा। अब नियंत्रण भी नहीं रहा। डीजे और साउंड सिस्टम की तेज आवाज लोगों के कान के पर्दे फोड़ रही है।
शहर के लोग रातभर सो नहीं पा रहे हैं। शहर के अंदर से लेकर हाईवे पर पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात है, लेकिन डीजे साउंड बंद कराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा। इसका कारण सरकार का दबाव है। एक वक्त वह भी था जब डीजे साउंड सिस्टम कांवड़ यात्रा से गायब ही हो गए थे। हरिद्वार पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों पर ही डीजे, साउंड सिस्टम जमा करा लेती थी, लेकिन इस बार ऐसा नजारा नहीं दिखाई दे रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाएगा। कांवड़ियों से भी अपील की जा रही है कि वे धर्मनगरी की गरिमा बनाए रखें और आम लोगों की नींद में खलल पैदा न करें।
- अशोक कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था