सोमवार को कोर्ट परिसर में हुई गैंगवार के बाद एक ऐसा सच सामने आया कि सब हैरान रह गए। आगे जानिए...
हत्या के बाद कोर्ट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पुलिस इस घटना को सीसीटीवी में देखने की योजना बना रही थी। लेकिन इसके सामने आया कि वहां सीसीटीवी कैमरा हैं ही नहीं। इसे जानकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी सोच में पड़ गए।
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चीनू को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाती पुलिस
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लंबित मामलों के चलते प्रत्येक दिन कोई न कोई कुख्यात रुड़की कोर्ट में पेशी पर आता रहता है। बावजूद इसके कोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर कहीं कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। वर्ष 2014 में उपकारागार गेट पर सुनील राठी और चीनू पंडित के गुर्गों के बीच गैंगवार हो चुकी है, लेकिन इस गैंगवार के बाद उपकारागार और कोर्ट परिसर जैसे अहम स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।
तीन साल पहले उपकारागार गेट पर हुई गैंगवार के बाद सुरक्षा को लेकर तरह-तरह के दावे किए गए, लेकिन आज तक उपकारागार में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए गए हैं जबकि वॉच टावर की सौगात जरूरी मिली है। इसके अलावा कोर्ट परिसर में न तो संवेदनशील होने के चलते न तो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
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sunil rathi
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जबकि रुड़की कोर्ट में सुनील राठी, प्रवीण वाल्मीकि, चीनू पंडित, सचिन खोखर, वीशू पंडित सहित करीब आधा दर्जन कुख्यातों के मामले लंबित हैं। सोमवार को गैंगवार के बाद फिर से सुरक्षा को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए है।