{"_id":"5e2a73f88ebc3e4b563bf1af","slug":"shaheen-bagh-in-haldwani-muslim-women-protest-against-caa","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक और शाहीन बागः हल्द्वानी में ताज चौराहे से शिफ्ट किया धरना, धारा 144 लागू, पुलिस अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक और शाहीन बागः हल्द्वानी में ताज चौराहे से शिफ्ट किया धरना, धारा 144 लागू, पुलिस अलर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 24 Jan 2020 12:26 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
सीएए और एनआरसी के खिलाफ दूसरी रात भी महिलाओं ने ताज चौराहे से मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। जिला प्रशासन ने धारा 144 का हवाला देते हुए स्थानीय नेताओं के जरिये धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं हटने के लिए तैयार नहीं हुई। धारा 144 लगने के बाद शुक्रवार की सुबह यहां महिलाएं बेहद कम संख्या में मौजूद नजर आईं। अब धरने को आठ नंबर स्थित मुसाफिर खाने में शिफ्ट करवा दिया गया। इस दौरान महिलाओं ने खासा आक्रोश व्यक्त किया।
2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अगर महिलाएं नहीं उठी तो पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को जबरन उठाया जा सकता है। वहीं बृहस्पतिवार को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के मंच पर आते ही आंदोलनरत महिलाओं का हौसला बुलंद हो गया। उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी के खिलाफ उनकी पार्टी के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रहे हैं। कोर्ट ने चार सप्ताह में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसा कानून बनाया ही क्यों कि उनको तीन करोड़ लोगों को समझाने के लिए घर-घर जाना पड़ रहा है। इस कानून से किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
3 of 5
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन को भी उन्होंने परेशानी नहीं पैदा करने के लिए आगाह किया। नेता प्रतिपक्ष के साथ कांग्रेस नेता सुहेल सिद्दीकी, इकबाल भारती, संध्या डालाकोटी, गोविंद बिष्ट एडवोकेट, सुमित्रा प्रसाद, पार्षद मोहम्मद गुफरान और यूसूफ एडवोकेट मौजूद थे। इससे पहले बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11 बजे से धरनास्थल पर महिलाओं का जमावड़ा शुरू हो गया। रात को भी महिलाएं रजाई कंबल लिए धरने पर बैठीं रहीं। दिल्ली के शाहीन बाग की तरह ताज चौराहे पर महिलाओं का आंदोलन पूरे जज्बे के साथ जारी रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं ने सीएए कानून को वापस लेने और आधी आबादी की बात सुनने के लिए केंद्र सरकार को चेताया। इस मौके पर प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रजनी ने कहा कि देश में चल रही आर्थिक गिरावट से जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार ने सीएए और एनआरसी का मुद्दा छेड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के बाद देश में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। महंगाई के चलते आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उद्योग धंधे बंद होते जा रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
एकता केंद्र की नीता ने कहा कि लोग व्यवस्था के बदलाव के मूड में आ गए हैं। बिंदु गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि मुस्लिम महिलाओं को अपने बच्चों को लेकर धरने पर बैठना पड़ गया है। क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के डा. उमेश चंदोला ने कविताएं सुना कर लोगों को सरकार की वास्तविकता से अवगत कराया। पूर्व पार्षद शाहजहां बेगम ने कहा कि तानाशाही का दौर खत्म हो चुका है। जनता अपने हकों के लिए सचेत हो चुकी है। इस मौके पर कहकशां शमा, आसिफ मुसर्रत, इशरत, आशा, मुन्नी, अमीर जहां सहित अन्य काफी संख्या में महिलाएं धरने पर मौजूद रहीं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।