भवन निर्माण में लगे श्रमिकों के बच्चों के लिए जल्द ही अनूठी योजना लाई जाएगी। इसके तहत कक्षा एक से लेकर आगे तक की सारी पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी।
इस संबंध में एक प्रस्ताव भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक में पास किया गया है। यह भी तय किया गया है कि ऐसे श्रमिक जो उत्तराखंड के मूल निवासी न होने के चलते मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में कवर नहीं होते हैं, उनके लिए खास समूह बीमा योजना लाई जाएगी।
10 लाख रुपये से अधिक की लागत वाली निर्माणाधीन इमारतों से एक प्रतिशत राशि भवन निर्माण सेस के रूप में वसूली जाती है। यह पैसा उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में जमा करना होता है। लंबे समय से यह राशि खर्च न होने से रकम बढ़कर 137 करोड़ रुपये जमा हो चुकी है।
जून माह में इस पैसे को खर्चने के लिए श्रमिकों के बच्चों के लिए आईटीआई और नर्सिंग कॉलेज बनाने की तैयारी की गई थी। मगर केंद्र सरकार ने निर्देश जारी कर दिए कि यह पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के बजाए सीधे तौर पर जनकल्याण में खर्च किया जाएगा। इसकी पूरी गाइड लाइंस भी जारी की गईं।
इसके बाद से इस राशि को खर्च करने के लिए लगातार मंथन किया जा रहा था। सोमवार को सचिवालय में बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक प्रमुख सचिव मनीषा पंवार की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें अपर सचिव पंकज पांडेय, श्रमायुक्त आनंद श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी और निजी क्षेत्र के बोर्ड सदस्य मौजूद रहे।