ठीक दो दिन बाद छह महीने हो जाएंगे जब रोहित शेखर तिवारी अपने पिता एनडी तिवारी की अस्थियों का विसर्जन करने सती घाट पर आए थे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि आज उन्हीं की अस्थियां विसर्जित की जा रही हैं।
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रोहित शेखर पिता एनडी तिवारी की अस्थियां विसर्जित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
रोहित ने अपनी जिंदगी के 19 साल पिता का प्यार पाने के लिए संघर्ष किया। जब उन्हें ये हक मिला तो कुछ समय बाद ही पिता एनडी का निधन हो गया। उस दौरान पिता की अस्थियां विसर्जित करते वक्त वे भावुक हो गए थे।
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रोहित शेखर पिता एनडी तिवारी की अस्थियां विसर्जित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
अस्थि विसर्जन के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहित शेखर तिवारी ने कहा था कि उनके पिता के जीवन से आज के नेताओं को सीख लेनी चाहिए। उनका पूरा जीवन विकास के लिए समर्पित रहा, लेकिन राजनीतिक दलों ने उनके कद के अनुरूप उन्हें सम्मान नहीं दिया।
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रोहित शेखर तिवारी की अस्थियां गंगा में विसर्जित करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वहीं शुक्रवार को इसी घाट पर उनकी अस्थियां विसर्जित हुईं तो लोग इस वाकया को याद कर भावुक हो उठे। लोगों को कहना है कि यह दुखद ही है कि रोहित पहले पिता की अस्थियां लेकर यहां आए थे, लेकिन आज यहां उनकी अस्थियां विसर्जित हो रही हैं।
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रोहित शेखर तिवारी की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने पहुंचे परिजन
- फोटो : अमर उजाला
रोहित के पिता पूर्व सीएम एनडी तिवारी के ओएसडी रहे राजीव कुमार के आठ वर्षीय बेटे कार्तिक राज ने उनकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया। इस दौरान मां उज्ज्वला तिवारी, पत्नी अपूर्वा तिवारी, ससुर वीके शुक्ला और साली अपर्णा भी मौजूद रहीं।