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बर्फबारी के बीच बाइक से बुलंदियों का सफर, देखें रोमांच से भरी तस्वीरें

Thu, 29 Jun 2017 01:56 PM IST
Amarnath / Amarujala, Haldwani
Amarnath / Amarujala, Haldwani Updated Thu, 29 Jun 2017 01:56 PM IST
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safe driving and environment Campaign by bike from Haldwani to Leh
bike

भारी बर्फबारी के बीच बाइक से साहस‌िक सफर कभी आपने तय क‌िया है। नहीं, तो चल‌िए आपको कराते हैं ऐसी ही जगह की सैर क‌ि आप यहां आने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।

safe driving and environment Campaign by bike from Haldwani to Leh
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अमर उजाला और टू व्हील्स टू फार के साझा अभियान के तहत हल्द्वानी से लेह तक के साहसिक सफर पर निकले बाइक सवार 19 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद यहां लौट गए। 

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safe driving and environment

हाड़ कंपाने वाली ठंड, बर्फबारी, हिमस्खलन और बेहद फिसलन भरी राह ने कई जगहों पर बाधाएं खड़ी की, फिर भी ये युवा बाइकर पर्यावरण सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश देते हुए दुनिया के ऊंचस्थ दर्रे से होकर गुजरते हुए खारदुंगला टॉप तक पहुंचने में कामयाब रहे। अमर उजाला से अनुभव साझा करते हुए दल के नेतृत्वकर्ता 31 वर्षीय मनीष चौधरी के मुताब‌िक देहरादून होते हुए हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सामरिक मार्गों पर इस बार की साहसिक यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण रही।

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रोहतांग दर्रा पार करने के बाद तागलांगला से चांगला के बीच का सफर (करीब 370 किमी) सबसे कठिन था। समुद्र तल से 17 हजार फुट से अधिक ऊंचाई होने और ऑक्सीजन कम होने से सांसें फूलने लगी थीं। इधर, हल्द्वानी में अमर उजाला में इस अभियान की खबर पढ़कर दो और उत्साही युवा अभिषेक पंत और राजीव कांडपाल हल्द्वानी से निकल पड़े। वे 10 जून को जम्मू-कश्मीर के कारू में टीम में शामिल हो गए। इन दो युवाओं के शामिल होने से टीम का उत्साह और बढ़ गया। 

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टीम लीडर ने बताया कि उत्तराखंड के मुकाबले हिमाचल में पर्यटन को अधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है। खासकर बाइकिंग, ट्रैकिंग और कैंपिंग के लिए वहां की सरकार अपेक्षाकृत अधिक सब्सिडी दे रही है। वहां के युवाओं को रोजगार के लिए कर्ज आसानी से मिल जाता है। यही वजह है कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले कई युवा नौकरी छोड़कर अपने गांव में ही काम करने लगे हैं।

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