पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार दुर्घटना झपकी आने से नहीं हुई, बल्कि हाईवे में गड्ढे से कार संभल नहीं पाई। इस समाचार ने एक बार फिर उत्तराखंड की सड़कों की हालत बयां कर दी है। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण राज्य में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने उत्तरकाशी के तुल्याड़ गांव में गुब्बारों के साथ पाकिस्तान का झंडा मिलने की घटना पर भी चिंता जाहिर की।
Rishabh Pant Accident: उत्तराखंड में गड्ढों पर गरमाई सियासत, ऋषभ के साथ हुए हादसे के बाद बना ये मास्टर प्लान
पांच साल में पांच हजार से अधिक की जान गई
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच साल में उत्तराखंड में सात हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 5040 लोगों की जान गई। 2022 में लगभग 500 सड़क हादसे हुए और इनमें 300 से अधिक लोगों की जान गई।
- नए सिरे से ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएंगे। रोड सेफ्टी ऑडिट होगा।
- सुधारे गए ब्लैक स्पॉट दुर्घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर लिस्ट से हटेंगे।
- अन्य दुर्घटना संबंधी स्थलों का चिन्हीकरण कर उनका सुधार कराया जाएगा।
- पर्वतीय मार्गों पर सर्वे कर सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर और पैराफिट लगाए जाएंगे।
- ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड पर रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
- हाईवे पर रंबल स्ट्रिप लगाकर स्पीड रडार गन, कैमरों से वाहनों की गति की निगरानी होगी।
- हाईवे पर वाहनों की गति का निर्धारण होगा।
- बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के साथ उनकी काउंसिलिंग की जाएगी।
- दुर्घटना कारकों में चालान होने पर वाहन स्वामियों की काउंसिलिंग कराई जाएगी।
- स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।
- वाहन चालकों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कैंप आयोजित किए जाएंगे।
- स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूली वाहनों की सघन चेकिंग और ऑडिट की कार्रवाई होगी।
- बच्चों में सड़क सुरक्षा की भावना जगाने के लिए कार्यालयों में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क बनाए जाएंगे।
- विभिन्न मार्गों पर दुर्घटना नियंत्रण के लिए सर्वे कर का सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
- मोबाइल टेस्टिंग वैन से वाहनों की जांच की जाएगी।
- हादसे में घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार दिया जाएगा।
- घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने के लिए अस्पतालों, ट्रामा सेंटरों की मैपिंग होगी।
- गोल्डन ऑवर में इलाज की व्यवस्था के लिए समय-समय पर माक ड्रिल की जाएगी।
सड़क हादसे रोकने के लिए 20 सूत्री मास्टर प्लान का मसौदा तैयार किया गया है। जल्द इसे धरातल पर उतारा जाएगा। मास्टर प्लान के तहत हादसों के लिए जिम्मेदार महत्वपूर्ण कारणों का निराकरण करने के साथ ही व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। -शैलेष तिवारी, आरटीओ (प्रवर्तन), देहरादून संभाग
दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार की दुर्घटनास्थल के आसपास एनएचएआई की ओर से शनिवार की देर रात तक सड़क की मरम्मत का काम किया गया। इस दौरान कोहरे में बैरिकेडिंग कर काम करने के दौरान लोगों की कर्मचारियों के साथ कहासुनी भी हुई।