उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष नरेश बंसल 50 साल से राष्ट्रीय स्वयं सेवक के समर्पित कार्यकर्ता हैं। वे मात्र आठ साल की उम्र में स्वयं सेवक बन गए थे। उनका सामाजिक व राजनैतिक जीवन लंबा रहा है।
कुशल नेतृत्व व बेहतर सांगठनिक कौशल के कारण पार्टी में उनकी छवि हरफनमौला की है। उनकी इसी कार्यशैली से भाजपा हाईकमान ने राज्यसभा सीट के लिए उन्हें उम्मीदवार घोषित किया है। फरवरी 1977 में सिंचाई विभाग में संघ से संपर्क के कारण सेवा समाप्ति का नोटिस मिला। जुलाई 1977 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और बाद में उनकी नियुक्ति यूको बैंक में हुई।
नरेश बंसल का जन्म देहरादून में हुआ। वे आठ वर्ष की आयु में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ कर स्वयं सेवक बने। प्राइमरी शिक्षा देहरादून नगर पालिका के स्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा भी देहरादून में ही हुई। 14 वर्ष की आयु में उन्होंने संघ का प्राथमिक शिक्षा वर्ग किया। बाद में संघ के तृतीय वर्ष का शिक्षण नागपुर में लिया। उन्होंने डीएवी कालेज देहरादून से एमकॉम की शिक्षा भी प्राप्त की।
नरेश बंसल ने प्रतिबंधित रामनवमी की शोभायात्रा संघर्षों के बाद प्रारंभ की। 1989 में श्रीराम शिला पूजन समिति का नगर संयोजक का दायित्व निभाया। श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन के समय गठित उत्तराखंड संवाद समिति के कोषाध्यक्ष रहे। 1972 में विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक का दायित्व निभाया। नरेश बंसल 1980 से 1986 तक हिंदू जागरण मंच के नगर अध्यक्ष रहे।
बंसल ने चार नवंबर 2002 से 2009 तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में प्रदेश संगठन महामंत्री के दायित्व का निर्वहन किया। 2009 से 2012 तक तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार में अध्यक्ष आवास एवं विकास परिषद का दायित्व मिला।2009 से 2012 तक भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य रहे। 2012 में विधानसभा चुनाव में प्रदेश चुनाव अभियान समिति के सचिव का दायित्व मिला।