इस कुटिया से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कभी न टूटने वाला रिश्ता है। वे यहां आने के लिए हमेशा आतुर रहते हैं। चलिए इस जगह के बारे में जानते हैं...
जी हां, हम बात कर रहे हैं हरिद्वार के दिव्य प्रेम सेवा मिशन सेवा कुंज की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का दिव्य प्रेम सेवा मिशन से पुराना नाता है। वे वर्ष 2000 से इस साल राष्ट्रपति बनने तक दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संरक्षक मंडल के सदस्य रहे हैं।
सेवाकुंज में प्रवेश करते ही बाईं तरफ बनी कुटिया रामनाथ कोविंद के हरिद्वार आगमन की प्रमुख गवाह है। संस्था से जुड़े लोगों की मानें तो अधिकतर रामनाथ कोविंद इसी कुटिया में आकर रुकते हैं। उनका संस्था के बच्चों के बीच काफी स्नेह है।
राष्ट्रपति के रूप में बच्चे उनका स्वागत करने को उत्सुक है। दिव्य प्रेम सेवा मिशन के विवेकानंद कुंज स्कूल में ही पले पढ़े मनोहर का कहना है कि रामनाथ कोविंद जब भी यहां आते हैं सभी बच्चों से प्रेम से मिलते है। बताया कि वह कई बार ऐ मेरे वतन के लोगों गीत भी रामनाथ कोविंद को सुना चुके हैं।
उनके हरिद्वार आगमन को लेकर संस्था में हर तरफ उल्लास का माहौल है। राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद 23 सितंबर को पहली बार हरिद्वार चंडीघाट पुल के समीप स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवाकुंज आश्रम में पहुंचेंगे ।