फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Three cases involving Charas and Smack

Dehradun News: चरस-स्मैक के तीन केस, कबूलनामे पर दो को सजा, एक बरी

Thu, 08 Oct 2026 06:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Thu, 08 Oct 2026 06:29 PM IST
विज्ञापन
Three cases involving Charas and Smack
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) नंदन सिंह की अदालत ने चरस और स्मैक तस्करी के तीन अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया। अदालत ने पुलिस विवेचना में रही गंभीर खामियों और संदेह का लाभ देते हुए एक किलो 100 ग्राम चरस बरामदगी के आरोपी शोएब को दोषमुक्त करार दिया। वहीं, दो अन्य मामलों में आरोपियों की ओर से स्वेच्छा से जुर्म कबूलने पर अदालत ने उन्हें जेल में बिताई गई अवधि की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन

पहले मामले में सहसपुर पुलिस ने 29 अक्तूबर 2016 को फतेहपुर इंटर कॉलेज के पास से विकासनगर निवासी शोएब को एक किलो 100 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की विवेचना में कई खामियां उजागर हुईं। अदालत ने पाया कि पुलिस की फर्द में लिखा गया कि आरोपी ने खुद अपनी जैकेट से चरस निकालकर दी, जबकि तलाशी प्रमाणपत्र में तलाशी लेने के बाद बरामदगी होना दर्शाया गया।
विज्ञापन


मामले में पुलिस ने सहमति का कोई दस्तावेज पेश नहीं किया और न ही कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद था। इसके अलावा, पूरे माल को बिना अदालत की अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया के ही एफएसएल भेज दिया गया। वहां से माल लौटाकर सिर्फ 100 ग्राम नमूना मांगा गया। अदालत में माल की अभिरक्षा भी स्पष्ट नहीं हो सकी। इस पर अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के नूर आगा केस के दृष्टांत का हवाला देते हुए अभियोजन की कहानी को संदिग्ध माना और शोएब को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गरीब मजदूर बताकर कबूला जुर्म, बिताई अवधि की सजा

अन्य दो मामलों में विकासनगर निवासी फुरकान के पास से 7.20 ग्राम स्मैक और शुभम त्यागी के पास से 157.61 ग्राम चरस बरामद हुई थी। अदालत में दोनों आरोपियों ने खुद को गरीब मजदूर बताते हुए स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल कर लिया। अदालत ने माना कि बरामद मात्रा अल्प से अधिक, लेकिन वाणिज्यिक मात्रा से कम है। ऐसे में नरमी बरतते हुए अदालत ने दोनों को उनके द्वारा जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को एक-एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि शुभम त्यागी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तुरंत रिहा कर दिया जाए। वहीं, बरामद मादक पदार्थ नष्ट करने के लिए ड्रग डिस्पोजल कमेटी के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed