नवरात्रों में देवी के इस मंदिर में आगर मुराद मांगने से कोई भी खाली हाथ नही जाता है। यहां एक चमत्कारी वृक्ष है। जिस पर नवरात्रों में अगर सच्चे मन से डोरी बांधी जाए तो हर मनोकामना पूरी होती है।
हरिद्वार स्थित मां मनसा देवी सबकी मनोकामना पूरी करने वाली हैं। मां मनसा को भगवान शिव की मानस पुत्री के रूप में पूजा जाता है। इनके पति जगत्कारु तथा पुत्र आस्तिक हैं। इन्हें नागराज वासुकी की बहन के रूप में भी पूजा जाता है। मंसा देवी के दर्शन के साथ यहां मौजूद स्नोही वृक्ष पर डोरी बांधने की भी परंपरा भी चली आ रही है। कहते हैं कि इस वृक्ष पर डोरी बांधने से मनोकामना पूरी हो जाती है।
चैत्र व शारदीय नवरात्र में मां मंसा देवी मंदिर में मां मंसा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही सुबह-शाम मां की आरती भी होती है। मंदिर में सुबह से शाम तक रोजाना हजारों भक्त मां के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।
मंसा देवी मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी आता है। इसमें मंसा देवी को दसवीं देवी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि एक बार जब महिसासुर नामक राक्षस ने देवताओं को पराजित कर दिया। इसके बाद देवताओं ने देवी का स्मरण किया और देवी ने प्रकट होकर महिषासुर नामक राक्षस का वध कर दिया।
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Mata Mansa Devi, Panchkula
इस पर देवताओं ने देवी की पूजा अर्चना की और देवी से कहा कि हे देवी जिस प्रकाश आपने हमारी मंसा को पूरा किया इसी प्रकार कलियुग में भी भक्तों की मंसा को पूरा कर उनकी विपत्ति को दूर करें। कहते हैं कि इस पर देवी ने हरिद्वार के शिवालिक मालाओं के मुख्य शिखर के पास ही विश्राम किया गया और इसी कारण से यहां मंसा देवी मंदिर की स्थापना हुई।