आजतक जो घटनाएं केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ही सुनाई देती थी, उनसे अब रिहायशी इलाके भी अछूते नहीं है। आलम ये है कि इस क्षेत्र के बहुत से लोगों ने सुबह की सैर ही बंद कर दी है। सुबह सवेरे लोगों की चहलकदमी से आबाद रहने वाले क्षेत्र में लोग अब अपने जरूरी काम से ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
रिहायशी इलाकों का ऐसा हाल: यहां लोगों ने छोड़ा सुबह सैर पर निकलना, दिन ढलते ही घरों में हो रहे बंद, जानें वजह
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यहां पर अब वर्षों से सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों से लेकर जवान तक अब किसी जरूरी काम से ही बाहर निकलते हैं। इसके साथ ही शाम के वक्त लोग इकट्ठा होकर ही बाहर निकलते हैं।
सुबह धुंध के कारण के कारण गुलदार के हमला होने की ज्यादा आशंका रहती है ऐसे में लोगों ने बाहर निकलने से परहेज को ही बेहतर समझा। स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द ही गुलदार के आतंक को खत्म करने की मांग की है।
-संदीप रावत, पूर्व सैनिक, जाखन
हमने आसपास के लोगों को समझाया है कि वह बिना काम के घर से बाहर सुबह या दिन ढलने के बाद न निकलें। सुबह धुंध में गुलदार सक्रिय रहता है। आज भी क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की खबर है।-अमित थापा, पूर्व सैनिक, जाखन
हम वर्षों से सैर पर जाते थे। लेकिन, अभी एहतियात के तौर पर सैर करना भी बंद कर दिया है। बच्चों और महिलाओं को हिदायत दी है कि वह बिना काम के शाम और सुबह के वक्त घर से न निकलें। -सुब्रमनी सेट्टी, वासु एस्टेट, कैनाल रोड
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क्षेत्र में एक के बाद एक दो घटनाएं हुई हैं। गुलदार के बारे में सुना है कि वह दिन ढलने और सुबह के वक्त हमला करता है। ऐसे में जरूरी है कि घर में ही रहें। काम हो तब ही बाहर निकला जाए।- गौतम घले, पूर्व सैनिक, कैनाल रोड