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Parshuram Jayanti: भगवान विष्णु के छठवें अवतार...यहां दर्शन के बाद हुआ था क्रोध, फिर मिला सौम्यकाशी नाम

Tue, 29 Apr 2025 11:11 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी।
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी। Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 29 Apr 2025 11:11 AM IST
सार

भगवान परशुराम का मंदिर बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर उनकी पूजा विष्णु जी की पाषाण रूप में की जाती है। यह मूर्ति आठवीं और नवीं सदी की है।
 

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Parashuram Temple Uttarakhand Parashurama anger was calmed in Uttarkashi hence it is called Saumya Kashi
उत्तरकाशी: परशुराम जी का एकमात्र मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

उत्तरकाशी। उत्तराखंड का एक मात्र विष्णु के छठवें अवतार परशुराम जी का एकमात्र मंदिर जनपद में मौजूद है। पुराणों के अनुसार उत्तरकाशी में ही बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद उनका क्रोध शांत हुआ था। तब भगवान शिव ने परशुराम को आशीवार्द दिया था कि अब इसे सौम्यकाशी के नाम से भी जाना जाएगा।

उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में परशुराम का मंदिर बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर उनकी पूजा विष्णु जी की पाषाण रूप में की जाती है। वहीं यह मूर्ति आठवीं और नवीं सदी की है। वहीं इस मूर्ति और अयोध्या में स्थित राम जी की मूर्ति में कई समानताएं हैं।

 

Parashuram Temple Uttarakhand Parashurama anger was calmed in Uttarkashi hence it is called Saumya Kashi
उत्तरकाशी: परशुराम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंदिर के पुजारी शैलेंद्र नौटियाल का कहना है कि स्कंद पुराण के केदारखंड में परशुराम जी और उनके पूरा परिवार का उत्तरकाशी के साथ संबंध का विवरण है।
Parashuram Temple Uttarakhand Parashurama anger was calmed in Uttarkashi hence it is called Saumya Kashi
उत्तरकाशी: परशुराम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जनपद मुख्यालय से करीब 15 किमी की दूरी पर उनकी माता रेणुका देवी का मंदिर स्थित है।

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Parashuram Temple Uttarakhand Parashurama anger was calmed in Uttarkashi hence it is called Saumya Kashi
उत्तरकाशी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं बड़कोट क्षेत्र के थान गांव में उनके पिता जमदिग्नी महाराज का मंदिर विराजमान है। नौटियाल का कहना है कि यह भी मान्यताएं हैं कि वरूणावत के शीर्ष पर मौजूद विमलेश्वर महादेव मंदिर में आज भी परशुराम जी शिव की पूजा करते हैं।
 

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Parashuram Temple Uttarakhand Parashurama anger was calmed in Uttarkashi hence it is called Saumya Kashi
उत्तरकाशी ( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

वहीं बाबा काशी विश्वनाथ के आशीवार्द से ही उनका क्रोध भी उत्तरकाशी की भूमि पर शांत हुआ था। इसलिए इसे सौम्यकाशी भी कहा जाता है।

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