उत्तराखंड: नीट-यूजी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, 19 दाखिले निरस्त, सीएम ने दिए थे उच्चस्तरीय जांच के निर्देश
मेडिकल कॉलेजों में दाखिलों के सत्यापन के दौरान सामने आई गड़बड़ियों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। हल्द्वानी, श्रीनगर और हरिद्वार के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जांच के बाद संदिग्ध प्रवेश रद्द किए गए।
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भाजपा प्रवक्ता विनोद चमोली ने नीट-यूजी प्रक्रिया में अनियमितताओं पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। अनियमितता सामने आते ही मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विशेष जांच दल (एसआईटी) और जिलाधिकारियों की टीमों ने कार्रवाई की। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, श्रीनगर और हरिद्वार में भौतिक सत्यापन हुआ। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर लिए गए 19 संदिग्ध दाखिले निरस्त किए गए हैं।
इनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, एससी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और स्थायी निवास प्रमाण पत्र शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 778 से अधिक प्रमाण पत्रों की गहन जांच जारी है। इसका उद्देश्य अपात्र व्यक्तियों को फर्जीवाड़े से सीट हासिल करने से रोकना है।
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कहा, एसआईटी टीम ने गिरोह के मास्टरमाइंड रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया है। वह मेरठ से एजुकेशनल कंसल्टेंसी चलाता था। भोपाल का कंसल्टेंट धीरज कुमार भी पकड़ा हैं। अरविंद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने फर्जी प्रमाणपत्र से अपनी बेटी का एडमिशन कराया था। फर्जीवाड़ा करने वाले राजस्व कर्मियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। संलिप्त पाए जाने वालों को निलंबित कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।