अब आपके इलेक्ट्रिसिटी बिल प्रक्रिया में बढ़ा बदलाव होने वाला है। जिसके बाद महज फोटो खिंचने से ही बिल तैयार हो जाएगा। कैसे जानिए यहां...
अब महज फोटो खिंचने से ही बन जाएगा इलेक्ट्रिसिटी बिल, कैसे जानिए...
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उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने यूपीसीएल के इस फैसले पर आपत्ति उठाई है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कवि का कहना है कि इससे तो मीटर रीडर बेरोजगार हो जाएंगे। उनके ऊपर छंटनी की तलवार लटकने लगेगी। उन्होंने कहा कि यूपीसीएल पहले से ही घाटे में चल रहा है। मीटर रीडिंग की नई व्यवस्था लागू करने पर भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है, जिसका बोझ उपभोक्ताओं को उठाना होगा। कवि ने कहा कि यूपीसीएल का यह फैसला निजीकरण को बढ़ावा देने वाला है, जिसका विरोध किया जाएगा।
मीटर रीडिंग की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए निजी कंपनी से करार किया गया है। इसका मकसद बिजली की खपत के मुताबिक राजस्व की प्राप्ति करना है। मीटर रीडरों से दूसरे कार्य लिए जाएंगे। वैसे भी निगम के पास कर्मचारियों की कमी है। किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।
- बीसीके मिश्रा, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल