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कभी देखा है सोने का पर्वत नहीं न तो यहां देखिए अद्भुत सुनहरी छटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 18 Jun 2018 06:44 AM IST
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kailas mount
12 जून से कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू हो गई है। हम आपको ऐसे चमत्कार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आप कैलाश मानसरोवर यात्रा में जाने को आतुर होंगे। यह पर्वत शिव-पार्वती का घर माना जाता है। सदियों से देवता, दानव, योगी, मुनि और सिद्ध महात्मा यहां तपस्या करते आए हैं। हर साल यहां हजारों भक्त दर्शन को पहुंचते हैं।
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इतना ही नहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान पर्वत पर बर्फ से 'ऊं' बन जाता है। सूर्य की पहली किरण जब कैलाश पर्वत पर पड़ती है तो वह सोने जैसा प्रतीत होता है। कहा जाता है कि ब्रह्मा ने अपने मन-मस्तिष्क से मानसरोवर बनाया है। दरअसल, मानसरोवर संस्कृत के मानस (मस्तिष्क) और सरोवर (झील) शब्द से बना है।
kailas mount
कैलाश मानसरोवर की यात्रा में हर कदम बढ़ाने पर दिव्यता का अहसास होता है। ऐसा लगता है मानो एक अलग ही दुनिया में आ गए हों।
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kailas mount
मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति मानसरोवर (झील) की धरती को छू लेता है, वह ब्रह्मा के बनाये स्वर्ग में पहुंच जाता है और जो व्यक्ति झील का पानी पी लेता है, उसे भगवान शिव के बनाये स्वर्ग में जाने का अधिकार मिल जाता है।
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कैलास मानसरोवर
- फोटो : file photo
कहा जाता है कि ब्रह्ममुहुर्त (प्रात:काल 3-5 बजे) में देवता गण यहां स्नान करते हैं। ग्रंथों के अनुसार, सती का हाथ इसी स्थान पर गिरा था, जिससे यह झील तैयार हुई, इसलिए इसे 51 शक्तिपीठों में से भी एक माना गया है।