देश को ओलंपिक गोल्ड मेडल देना मेरा लक्ष्य है। यह कहना है बॉक्सिंग में छह बार विश्व चैंपियन रह चुकीं एमसी मैरीकॉम का। रविवार को मसूरी पहुंचीं मैरीकॉम ने कहा कि लड़कियां भले ही बॉक्सिंग न खेलें, लेकिन उन्हें अपनी हिफाजत के लिए बॉक्सिंग सीखनी चाहिए।
मसूरी के एक होटल में मीडिया से बात करते हुए मैरीकॉम ने कहा कि ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने उनका सपना है। वह 2012 के ओलंपिक में ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह तीन बच्चों की मां हैं। 36 साल की उम्र में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन सच्ची लगन और मेहनत से यह संभव हो गया।
खिलाड़ी के साथ ही वह अपनी राज्यसभा सांसद की जिम्मेदारी को भी बाखूबी निभा रही हैं। मैरीकॉम ने कहा कि महिलाएं आज भी पुरुषों से कई क्षेत्रों में पीछे हैं। इससे पहले मसूरी विधायक गणेश जोशी और पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने उनका स्वागत किया। विधायक जोशी ने एमसी मैरीकॉम को मसूरी में बाक्सिंग अकादमी खोलना का आमंत्रण देते हुए सरकार से पूरे सहयोग की बात कही।
एमसी मैरीकॉम ने कहा कि पहाड़ों की रानी बहुत खूबसूरत है। खासकर मसूरी का वातावरण, जो स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा है। यहां आकर वह काफी ऊर्जावान और तरोताजा महसूस कर रही हैं। वह फुरसत के पलों में परिवार के साथ मसूरी आना चाहती हैं।
एमसी मैरीकॉम ने कहा कि जब उन्होंने बॉक्सिंग शुरू की थी तो काफी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। इधर से उधर जाने में भी काफी परेशानी होती थी। आज सरकार ने तमाम सुविधाएं दी हैं। युवाओं को इनका लाभ उठाते हुए खेलों में भविष्य बनाना चाहिए।