महाशिवरात्रि के दिन आपको जलाभिषेक के लिए सिर्फ 51 मिनट का शुभ मुहूर्त है। इस समय पूजा करने से आपको पूजा का दोगुफा फल मिलेगा।
महाशिवरात्रि: जलाभिषेक के लिए सिर्फ 51 मिनट का शुभ मुहूर्त, इस समय पूजा से मिलेगा दोगुना फल
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भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में विशेष फलदाई मानी जाती है। इस वक्त पूजा करने से पूरी रात पूजा के बराबर फल मिलता है। करीब 51 मिनट की इस पूजा में साधक को वर्षभर की पूजा का लाभ मिलता है। प्रदोष काल की पूजा विशेष कामना की पूर्ति के लिए की जाती है।
धर्माचार्य आचार्य डॉ.संतोष खंडूड़ी ने बताया कि बहुत से श्रद्धालु महाशिवरात्रि पर पूरी रात या वर्षभर भगवान शिव का पूजन नहीं कर सकते। ऐसे श्रद्धालु प्रदोष काल में पूजा-अर्चना कर वर्षभर की पूजा का फल प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मुहूर्त में पूजा का समय भी अलग-अलग होता है।
उस समय विशेष पूजा करने से फल कामना की पूर्ति होती है। महाशिवरात्रि प्रदोष काल की पूजा का समय : रात्रि 12:09 बजे से 1:01 बजे तक (कुल 51 मिनट का मुहूर्त रहेगा।)
(13 फरवरी की रात को पूजा का मुहूर्त)
रात को पहले पहर में पूजा का मुहूर्त : 6:05 से 9:20
रात को दूसरे पहर में पूजा का मुहूर्त : 9:20 से 12:35