देहरादून के राजपुर के एक फ्लैट के बंद कमरे में हुई कशिश की मौत सुपर मिस्ट्री बन गई है। विसरा रिपोर्ट में भी कशिश की मौत की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। अब शायद ही इसका जवाब मिल पाए। दोनों की मौत का राज दफन हो गया है। घटना के समय यह बताया गया था कि कृष्णा ने कशिश की हत्या करने के बाद अपनी जान दी थी।
सुपर मिस्ट्री बनी इस लव कपल की मौत, ऐसे हुआ था इनकी प्रेम कहानी का खौफनाक अंत
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कशिश और कृष्णा की प्रेम कहानी का दुखद अंत 18 दिसंबर 2018 की रात हुआ। राजपुर स्थित इंफिनिटी कांप्लेक्स के एक फ्लैट के बंद कमरे में कृष्णा फांसी के फंदे पर लटका मिला था। जबकि उसकी प्रेमिका कशिश की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी। दरवाजा तोड़कर दोनों के शवों को बाहर निकाला गया था। फ्लैट से मिले खून के धब्बों से पता चला था कि कृष्णा ने खुदकुशी के लिए अपने हाथ की नस काटने की कोशिश की थी, लेकिन आखिर में फंदे का इस्तेमाल किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कृष्णा की मौत की वजह हैंगिंग आई थी। यानी उसने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी। जबकि कशिश की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया था। लिहाजा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने उसका विसरा संरक्षित किया था। दरवाजा तोड़ने और कांप्लेक्स के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह तो साबित हो गया था कि घटना के समय फ्लैट पर कृष्णा और कशिश के अलावा कोई तीसरा नहीं आया था।
दून के पंडितवाड़ी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला की विसरा रिपोर्ट ने कशिश की मौत की गुत्थी को और उलझा दिया है। रिपोर्ट में किसी तरह के जहरीले अथवा नशीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठने लाजिमी हैं कि आखिरकार कशिश की मौत कैसे हुई थी। पुलिस के साथ कशिश से जुड़ा हर शख्स यही जानना चाहता था कि आखिर कृष्णा का मर्डर कैसे हुआ? कशिश की मौत के मामले में पुलिस की थ्योरी पहले दिन से मुंह पर तकिया दबाकर मारने की थी। पुलिस ने इसी दिशा में अपनी जांच भी शुरू की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सामने न आने पर पुलिस ठिठक गई थी। चिकित्सकों के विसरा संरक्षित करने के बाद यह आशंका जताई गई कि हो सकता है कि पेय पदार्थ में तो कशिश को कोई नशीला अथवा जहरीला पदार्थ दिया गया हो, लेकिन विसरा रिपोर्ट आने के बाद यह आशंका भी गलत साबित हुई है।
कशिश की हत्या के मामले में परिजनों ने कृष्णा के जीजा समेत पांच लोगों को आरोपित किया था। पुलिस ने उनकी तहरीर को पोस्टमार्टम जांच में शामिल कर लिया था। पुलिस का कहना था कि घटना के दिन सिर्फ कशिश और कृष्णा ही फ्लैट में आए थे। यह फ्लैट कृष्णा के जीजा का है। उस दिन के सीसीटीवी कैमरों में उनकी कोई फुटेज नहीं मिली है। जहां तक हत्या किए जाने या किसी संदिग्ध गतिविधियों की बात है तो सूचना के आधार पर पुलिस ने ही दरवाजा तोड़ा था। अंदर कृष्णा फांसी पर लटका था और कशिश बिस्तर पर पड़ी हुई थी। कोई किसी अन्य रास्ते से यहां आ सकता है, इस बात का भी कोई प्रमाण नहीं मिला था। पोस्टमार्टम जांच अभी प्रचलित है।