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यहां जमीन के नीचे है भगवान शिव का रहस्यमयी लोक, आज तक कोई नहीं जान पाया इसके राज

Mon, 04 Sep 2017 06:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 04 Sep 2017 06:23 PM IST
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Lord shiva mysterious cave in uttarakhand
patal

आज हम आपको बता रहे है भगवान श‌िव के ऐसे रहस्यमी लोक के बारे में ज‌िसके राज आज तक राज ही हैं। यहा आने वाला कोई भी व्यक्त‌ि इसके राज आज तक नहीं जान पाया। चल‌िए जानते हैं अनकही बातें...

Lord shiva mysterious cave in uttarakhand
Patal bhuvaneshwar

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले के गंगोलीहाट कस्बे के पास पाताल भुवनेश्वर गुफा क‌िसी त‌िल्समी गुफा से कम नहीं है। बाहर से एक छोटा सा द‌िखने वाले दरवाजे के पीछे जो दुन‌िया है वह आपको हैरान की देगी। जमीन से तकरीबन 90 फीट नीचे भगवान श‌िव के इस रहस्यमयी लोक के बारे में कई कहान‌ियां हैं।

Lord shiva mysterious cave in uttarakhand
Patal bhuvaneshwar

कहा जाता है क‌ि सबसे पहले त्रेता युग में राजा रितुपर्ण ने इस गुफा को खोजा। इसके बाद द्वापर युग में पांडवों ने इस गुफा को खोजा और स्वर्ग की यात्रा से पहले यहाँ भगवान शिव के साथ चौपड़ खेली। वहीं अंत में कलियुग में 822  ईसवीं में जगद् गुरु आदि शंकराचार्य ने इस गुफा को खोजा था।

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Lord shiva mysterious cave in uttarakhand
Patal bhuvaneshwar

पाताल भुवनेश्वर गुफा शेष नाग के शरीर की हड्डियों पर खड़ी है। वहीं यहां कुदरत के तराशे गए पत्‍थरों की आकृत‌ियां भी बनी है। जमीन से कुछ दूरी पर चट्टानों से हाथी के तराशे हुए पैर भी द‌िखते हैं।

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Lord shiva mysterious cave in uttarakhand
patal bhubaneswar cave

कहते हैं क‌ि भगवान श‌िव ने गणेश जी का स‌िर काटने के बाद यहीं पर रखा था। ज‌िसे आज भी पूजा जाता है। वहीं भगवान श‌िव की लीला स्थली होने के कारण उनकी विशाल जटाएं इन पत्थरों पर नजर आती हैं। शिव जी की तपस्या के कमण्डल, खाल सब नजर आते हैं। 

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