फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आज भी इस मंदिर में एक माह के लिए भगवान शिव के साथ एकांत वास में रहती हैं मां भगवती

Mon, 12 Nov 2018 08:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Updated Mon, 12 Nov 2018 08:35 AM IST
विज्ञापन
lord shiva and maa bhagwati one month seclusion in Manju Ghosheshwar Temple
Manju Ghosheshwar Temple - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के श्रीनगर में विकासखंड कोट के कांडा स्थित मंजू घोषेश्वर मंदिर में आयोजित मंजूघोष मेले में 39 निशाण (देव प्रतीक) चढे़। मनोकामना पूर्ण होने के बाद दूर-दराज से यहां निशाण चढ़ाने पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। मेले के अंतिम दिन बड़ा कांडा के दौरान 19 निशाण चढे़। जबकि पहले दिन छोटा कांडा के दौरान 20 निशाण चढे़ थे। इसी के साथ अब एक माह के लिए मंजूघोषेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं।


 

lord shiva and maa bhagwati one month seclusion in Manju Ghosheshwar Temple
Manju Ghosheshwar Temple

एक माह तक मंदिर में ही रहेगी मां भगवती 
छोटा कांडा के दिन कांडा गांव से मां भगवती मंजूघोषेश्वर में पहुंचती है। मां भगवती की डोली से पहले ग्रामीण मंदिर में पैता (प्रसाद) लेकर पहुंचते हैं। मंजू घोषेश्वर मंदिर को भगवती का मायका बताया गया है। मंदिर के पुजारी द्वारिका प्रसाद भट्ट ने बताया कि मां भगवती एक माह तक महादेव के साथ मंदिर में एकांतवास में रहेंगी। इस दौरान मंदिर में कोई पूजा अर्चना भी नहीं की जाएगी। एक माह बाद मां भगवती की डोली फिर वापस कांडा गांव स्थित मंदिर में जाएगी।  
 

lord shiva and maa bhagwati one month seclusion in Manju Ghosheshwar Temple
Manju Ghosheshwar Temple

कांडा में आयोजित हो रहे दो दिवसीय मंजूघोष मेले का समापन हो गया। शुक्रवार को बड़ा कांडा के दौरान सबसे पहले उज्याड़ी गांव व अंत में बारें गांव के ग्रामीणों ने निशाण चढ़ाया। मेले में दिन भर ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ निशाण लेकर मंदिर में पहुंचते रहे। मेले का अंतिम दिन होने के कारण यहां श्रद्धालुओं व मेलार्थियों का तांता लगा रहा, जिससे पुलिस को व्यवस्था बनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कोतवाल एनएस बिष्ट व श्रीकोट चौकी प्रभारी महेश रावत मय फोर्स पूरे मेले के दौरान यहां मौजूद रहे।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
lord shiva and maa bhagwati one month seclusion in Manju Ghosheshwar Temple
Manju Ghosheshwar Temple

मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद भट्ट ने कहा कि मेला समापन के बाद एक माह के लिए मंजूघोषेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। एक माह बाद कांडा गांव में स्थित मंदिर में मां भगवती की डोली विराजमान होगी। इसी के साथ स्टॉप टीयर्स संस्था मेला स्थल की सफाई करेगी। संस्था के प्रमोद बमराड़ा ने कहा कि मेला स्थल पर काफी गंदगी हो गई है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान उनके प्रतिनिधियों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। अब वह मेला स्थल पर सफाई अभियान चलाएंगे।  
 

विज्ञापन
lord shiva and maa bhagwati one month seclusion in Manju Ghosheshwar Temple
Manju Ghosheshwar Temple

मंजूघोष की मान्यता
मंजूघोष महादेव मंदिर कामदाह डांडा पर स्थित है। शिव पुराण के अनुसार इस पर्वत पर भगवान शंकर ने घोर तपस्या की थी। कामदेव ने उनकी तपस्या भंग करने के लिए फूलों के वाण चलाकर उनके अंदर कामशक्ति को जागृत किया था। क्रोधित शंकर भगवान ने कामदेव को भष्म कर दिया था। तब से इस पर्वत का नाम कामदाह पर्वत पड़ा। जो कालांतर में कांडा हो गया। दूसरी कथा है कि मंजू नाम की एक अप्सरा ने यहां शक्ति प्राप्त करने के लिए भगवान शंकर की तपस्या की। उस पर श्रीनगर का राजा कोलासुर मोहित हो गया। जब वह अपने मकसद में सफल नहीं हुआ, तो उसने भैंसे का रुप धर ग्रामीणों पर हमला कर दिया। यह मंजू देवी को सहन नहीं हुआ। उसने महाकाली का रुप धर कोलासुर का वध कर दिया। उसी की याद में कांडा मेला मनाया जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed