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कृष्ण जन्माष्टमी 2019: बन रहा अद्भुत संयोग, इस शुभ मुहूर्त में व्रत रखने से मिलेगा सौभाग्य

Fri, 23 Aug 2019 08:53 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लक्सर(हरिद्वार)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लक्सर(हरिद्वार) Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 23 Aug 2019 08:53 AM IST
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krishna janmashtami 2019 Rare coincidence shubh muhurat for vrat

इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अद्भुत संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित सतेंद्र शर्मा के मुताबिक, जिस तरह द्वापर युग में अष्टमी तिथि को सूर्य और चंद्रमा उच्च भाव में विराजमान थे। ठीक वैसा ही अद्भुत संयोग इस साल की जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र में पड़ रहा है। 

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इस बार जन्माष्टमी 23 और 24 अगस्त को पड़ रहा है। उदया तिथि मानने वाले 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने का तर्क दे रहे हैं। जबकि रोहिणी नक्षत्र, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, उसके आधार पर शुभ मुहूर्त 23 अगस्त को ही पड़ रहा है। पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री के मुताबिक, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कान्हा का जन्मदिन मनाया जाएगा।
 

krishna janmashtami 2019 Rare coincidence shubh muhurat for vrat
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

इस वर्ष सप्तमी तिथि 23 अगस्त को सुबह 8 बजकर 9 मिनट तक है इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो रही है जोकि 24 अगस्त को सुबह 8 बजकर 32 मिनट तक है। इसलिए 23 को व्रत करना शुभ होगा। क्योंकि अष्टमी तिथि 23 अगस्त को अर्धरात्रि में है तो स्मार्त लोग इसी दिन भगवान का जन्मोत्सव मनाएंगे। 

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

जन्माष्टमी की पूर्व रात्रि हल्का भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें। सुबह नित्यकर्मों से निवृत्त होकर सूर्य, सोम, यम, काल, संधि, भूत, पवन, भूमि, आकाश,अमर और ब्रह्मादि को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर बैठें। 

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

इसके बाद हाथ में जल लेकर संकल्प करें। इस दिन अष्टमी के उपवास और पूजन से सौभाग्य मिलता है। उपवास वाले दिन हाथ में जल, फल और पुष्प लेकर संकल्प करें। दोपहर के समय काले तिलों के जल से स्नान कर देवकी जी के लिए प्रसूति गृह बनाएं और कान्हा की मूर्ति रखें। अब इस सूतिका गृह में सुन्दर बिछौना बिछाकर उस पर शुभ कलश स्थापित करें।

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