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Dehradun News: चुनाव आयोग की टीम ने की एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की आकस्मिक जांच, ऑडिट व पर्यवेक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून पहुंची थी। टीम ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसआईआर के लिए तैनात सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ एसआईआर के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान टीम ने प्रारूप सात की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए।
आयोग की टीम ने जिले में चल रहे एसआईआर के कार्यों की सराहना भी की। मृत्यु या स्थानांतरण के कारण मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता की जानकारी का बीएलओ और संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) से अनिवार्य रूप से सत्यापित करने को कहा गया।
टीम ने यह भी बताया कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अभी तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से दोबारा संपर्क कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अपील की जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को जिले में एसआईआर कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने या संबंधित विवरण उपलब्ध न कराए जाने के मामले में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है। जिले में 96,187 ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जिनका नाम उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज है।
ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का अवसर दिया जा रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इस संबंध में जानकारी दें और उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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आयोग की टीम ने जिले में चल रहे एसआईआर के कार्यों की सराहना भी की। मृत्यु या स्थानांतरण के कारण मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता की जानकारी का बीएलओ और संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) से अनिवार्य रूप से सत्यापित करने को कहा गया।
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टीम ने यह भी बताया कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अभी तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से दोबारा संपर्क कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अपील की जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को जिले में एसआईआर कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने या संबंधित विवरण उपलब्ध न कराए जाने के मामले में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है। जिले में 96,187 ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जिनका नाम उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज है।
ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का अवसर दिया जा रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इस संबंध में जानकारी दें और उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।