श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सोमवार को भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देर रात तक कन्हैया के भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। राधा और कान्हा बने बाल कलाकारों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके अलावा घरों में भी बच्चों को कान्हा की तरह सजाया गया। अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) ने ओएनजीसी कम्युनिटी सेंटर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। शाम सात बजे संध्या आरती और हरिराम संकीर्तन हुआ। श्रीकृष्ण लीला नृत्य ने सबका मन मोह लिया। भजन संध्या में प्रदीप सिंह और ब्रजमोहन शर्मा ने भजनों से समा बांध दिया।
इस्कॉन के अध्यक्ष केशव भारती दास ने कहा कि राधा-कृष्ण भारत की आत्मा है। रात 11 बजे भगवान लड्डू गोपाल का महाभिषेक किया गया। इस अवसर पर कान्हा के जयकारों से वातावरण गूंजायमान रहा। इसके बाद भोग लगाया गया। रात 12 बजे प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर अवतार दास, सतीश प्रभु, हितेश प्रभु, ज्योति प्रकाश प्रभु, यशराज प्रभु, वेनूरती देवी दासी, इंदु सेमवाल, सवला नौटियाल, सुनेना देवी दासी, चंद्रकला देवी दासी आदि मौजूद रहे।
श्री कालिका मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर जी व लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार के साथ अभिषेक किया गया। मां वैष्णो दरबार एवं शंकर जी की झांकियां प्रस्तुत की गई। रात्रि में भजनों पर भक्त जमकर झूमे। 12 बजते ही भक्तों ने कन्हैया के जयकारों लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया।
पिक्चर पैलेस स्थित श्रीराधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी आचार्य परशुराम भट्ट ने बताया कि स्मार्त शैव परंपरा के अनुसार जन्माष्टमी रविवार को जबकि वैष्णव परंपरा के अनुसार सोमवार को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। शास्त्रों ने दोनों का ही विधान है। दुर्गा माता मंदिर कैमल बैक रोड के पुजारी जगदंबा प्रसाद उनियाल ने बताया कि सभी धर्मग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र एवं वृष राशिस्थ चंद्रमाकालीन अर्द्धरात्रि में हुआ था।
श्री श्याम सुंदर मंदिर पटेलनगर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में सोमवार को भी श्रीकृष्ण भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन किया। वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी भूपेंद्र चड्ढा ने बताया कि रात 12 बजे आतिशबाजी के साथ कन्हैया का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में मोहक झांकियां निकाली गईं। कान्हा के बाल रूप ने सबका मन मोह लिया। विधायक हरबंस कपूर और उनकी पत्नी सविता कपूर ने कान्हा बने बच्चों को पुरस्कृत किया।