इंटरव्यू: हरदा से 'प्रीत' पर बोले प्रीतम, मैंने पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं किया, तिल का ताड़ बनाया जा रहा
हरीश रावत से जुड़ने के राजनीतिक मायने निकाले जाने पर प्रीतम सिंह ने कहा कि राजनीति को हर व्यक्ति अपने-अपने दृष्टिकोण से देखता है। मैं तो पार्टी का छोटा कार्यकर्ता हूं, हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं। हम सब मिलकर 2027 की जंग लड़ने का काम करेंगे।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की धन्यवाद यात्रा ने राज्य में कांग्रेस नेताओं की सक्रियता बढ़ा दी है। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह का जसपुर में उनके साथ मंच साझा करना पार्टी के भीतर नए समीकरण बना रहा है। हालांकि प्रीतम सिंह ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में स्पष्ट किया जसपुर के विधायक आदेश चौहान ने उन्हें आमंत्रित किया था। प्रीतम हरीश रावत को राष्ट्रीय स्तर का नेता मानते हैं। पार्टी में उपयोगिता और कार्यक्रम में उनके पहुंचने से हरदा को ऑक्सीजन के सवाल पर कहा कि मामले को बिना मतलब तिल का ताड़ बनाया जा रहा है। हरीश रावत ने प्रभारी से मिलकर अपनी बात रख दी है चुनाव में एक-एक कार्यकर्ता की उपयोगिता है।
कांग्रेस में गुटबाजी नई बात नहीं है लेकिन प्रीतम का हरदा को मिला साथ, उनका हाथ पकड़ना पार्टी के कई नेताओं को अखर रहा है। कांग्रेस के कुछ नेता कह रहे प्रीतम ने हरीश रावत को ऑक्सीजन देने का काम किया, के सवाल पर प्रीतम ने कहा कि मैं कांग्रेस का सिपाही हूं और पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करूंगा, जो मेरा दायित्व भी है। मैं तो पार्टी का छोटा कार्यकर्ता हूं, हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं। हम सब मिलकर 2027 की जंग लड़ने का काम करेंगे। एक-एक कार्यकर्ता की उपयोगिता है। बूंद-बूंद से घड़ा भरता है।
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यात्रा रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के हरीश रावत को चिट्टी जारी करने के बाद भी उनकी मौजूदगी पर कहा कि हमारे जाने से वहां कांग्रेस मजबूत हुई है, नतीजे बताएंगे। हरीश रावत ने आगे का कार्यक्रम रखा था लेकिन मुझे जसपुर से वापस आना पड़ा। पार्टी नेताओं में गुटबाजी व खींचतान पर प्रीतम ने कहा कि राजनीति मुझे विरासत में मिली है, उसे संयोए रखने की जिम्मेदारी है। कांग्रेस मजबूत कर 2027 में पार्टी को सत्ता में वापस लाना है। प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर माहौल कांग्रेस के पक्ष है। हमारी जिम्मेदारी बनती है, जिस विश्वास व उम्मीद के साथ लोग हमारी तरफ देख रहे हैं।
हरदा से जुड़ने के राजनीतिक मायने निकाले जाने पर प्रीतम ने कहा कि राजनीति को हर व्यक्ति अपने-अपने दृष्टिकोण से देखता है। रावत राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं, हम सभी लोग साथ रह कर काम करने के इच्छुक रहते हैं। यदि सब मिल कर काम करेंगे तो 2027 को पार पाएंगे। कांग्रेस प्रभारी के पत्र के बाद भी हरदा की यात्रा उचित थी और साठ साल पार्टी में बिताने के बाद प्रभारी चिट्टी को किस रूप में देखते हैं के सवाल पर प्रीतम ने स्पष्ट किया कि जसपुर का कार्यक्रम पहले से तय था।
प्रभारी का पत्र एक दिन पहले मीडिया में आया है। यदि हम कार्यक्रम में नहीं पहुंचते तो एक गलत संदेश जाता और इसका नुकसान कांग्रेस व स्थानीय विधायक को उठाना पड़ता। कार्यक्रम में ऐसा वातावरण दिखाई दिया कि लोगों ने उत्तराखंड में बदलाव का मन बनाया है। मेरा मन किसके साथ है और किसके साथ नहीं है। इस पर मुझे सफाई देने की आवश्यकता नहीं है। मेरा मन तो कांग्रेस के साथ है। प्रदेश प्रभारी के पत्र पर हरीश रावत ने अपनी बात रख दी है। इस मामले को तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।
कांग्रेस में टिकट को लेकर परिवारवाद आरोप लगते हैं हरीश रावत भी बेटी के साथ इस बार बेटे के लिए टिकट चाहते हैं, के जवाब में प्रीतम ने कहा कि परिवारवाद का नारा अच्छा लगता है, लेकिन जिस घर में डॉक्टर होता है उसका बेटा डॉक्टर बनता है। हम राजनीति के करीबी रहते हैं। हर पांच में इम्तिहान देना पड़ता है, और उसमें पास होते हैं। जनता तय करती है किसे जीतना है, किसे नहीं। जनता ही परिवारवाद का जवाब देती है।
मुख्यमंत्री के दावेदार की दौड़ के सवाल पर प्रीतम सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिए संयुक्त रूप से चुनाव मैदान में जाएं। चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस विधानमंडल दल व राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा किसे जिम्मेदारी देना है। जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, हम उसका निर्वहन करेंगे। मुझे जब भी कोई जिम्मेदारी सौंपी गई, उस पद पर ईमानदारी व निष्ठा से काम किया।