कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को रुद्रपुर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। भाकियू नेता राकेश टिकैत भी महापंचायत में पहुंचे। यहां वह किसानों को संबोधित करेंगे। इस दौरान पंजाबी गायिका रूपीन्द्र हांडा ने प्रस्तुति दी। पंजाबी गीत सुनाकर उन्होंने अपना समर्थन दिया। किसान महापंचायत में पहाड़ी संस्कृति की झलक दिखाई दी।
किसान महापंचायत से पहले पगड़ी बांधे दिखे राकेश टिकैत, कहा- सरकार बनाना या गिराना हमारा काम नहीं
यहां उत्तराखंड के पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ किसान पहुंचे। वहीं श्रमिक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर श्रमिक ढोल-नगाड़े लेकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के साथ मोदी मैदान में किसानों का समर्थन देने पहुंचे। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों का दावा था कि महापंचायत में एक लाख से अधिक किसान पहुंच सकते हैं। लेकिन यहां 25 हजार से ज्यादा किसान पहुंचे हैं। मोदी मैदान में हो रही किसान महापंचायत में काफी संख्या में किसान पहुंचे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। यहां पुलिस एवं पीएससी बल तैनात किए गए हैं। महापंचायत को लेकर किसानों में खासा उत्साह दिखाई दिया। राकेश टिकैत के कार्यक्रम में पहुंचते ही लोगों में खुशी की लहर फैल गई।
रुद्रपुर किसान महापंचायतः ढोल-नगाड़े और उत्तराखंड के परंपरागत छोलिया कलाकाराें के साथ पहुंचे किसान, तस्वीरें
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किसान महापंचायत
- फोटो : अमर उजाला
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में पहुंचने से पहले भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत हरी पगड़ी में दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन सिर्फ किसानों की समस्याओं को लेकर है।
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कहा कि किसी दल की सरकार बनाने और गिराने से हमारे आंदोलन का कोई सरोकार नहीं है।
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सोमवार को भाकियू नेता टिकैत रुद्रपुर महापंचायत में जाने से पहले काशीपुर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पहाड़ के किसानों को फल, सब्जियों और मोटे धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलना पलायन का सबसे बड़ा कारण है।
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कहा कि पहाड़ में जैविक खेती की उपज का सही मूल्य न मिलने से यहां का किसान परेशान है। उन्होंने उत्तराखंड में पर्वतीय भत्ता दिए जाने की मांग की।