उत्तराखंड में कृषि कानूनों का समर्थन करने वाले नेताओं और मंत्रियों का किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। सोमवार को किसानों ने काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा का विरोध किया था, वहीं मंगलवार को बाजपुर क्षेत्र के ग्राम सभा बासंखेड़ा के उपग्राम विजय रम्पुरा स्थित जनजाति प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को किसानों का जबर्दस्त विरोध झेलना पड़ा।
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बाजपुर में हंगामा करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने कहा कि वे शिक्षा मंत्री को गांव में नहीं घुसने देंगे। हंगामा बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को दूसरे रास्ते से कार्यक्रम स्थल पहुंचाया। किसानों को इसकी भनक लगी तो वे भी स्कूल में जा धमके और शिक्षा मंत्री का विरोध शुरू कर दिया। हालांकि भारी विरोध के बावजूद शिक्षा मंत्री ने स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की।
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बाजपुर में हंगामा करते किसानों को रोकती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बाजपुर के ग्राम बांसखेड़ा के उपग्राम विजय रम्पुरा स्थित जनजाति प्राथमिक विद्यालय की दो छात्राओं का एकलव्य आवासीय विद्यालय बाजपुर और खटीमा में चयन होने पर स्कूल में सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें शिक्षा मंत्री पांडेय बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने जा रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही आसपास के किसान एकत्र हो गए। किसानों ने शिक्षा मंत्री के कुछ समर्थकों के समक्ष कृषि कानूनों का समर्थन करने वालों का विरोध करने और उन्हें गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी। काफी देर तक किसान गांव आने वाले मोड़ पर प्रदर्शन करते रहे और दरी बिछाकर वहीं बैठ गए।
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हंगामा करते किसानों को रोकती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जब किसान कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो किसानों की भीड़ को देखकर पुलिस अफसरों के हाथ पांव फूल गए। स्कूल गेट पर खड़ी गाड़ी में बैठे शिक्षा मंत्री पांडेय को देखते ही किसान आक्रोशित हो गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारियों ने घेरा बनाकर शिक्षा मंत्री को गाड़ी से उतारकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान किसानों ने की पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई और खूब हंगामा भी हुआ।
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बाजपुर में किसानों से बात करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल गेट पर किसानों के हंगामे के चलते शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय करीब 20 मिनट तक अपनी गाड़ी में ही बैठे रहे। किसानों तेवर देख प्रशासनिक अधिकारियों ने केलाखेड़ा, गदरपुर, बाजपुर सहित आसपास के थानों से पुलिस फोर्स को मौके पर बुलवा लिया। किसानों ने कहा कि दिल्ली जाकर काले कानूनों का समर्थन करने वाला मंत्री और कोई भी नेता किसानों का हितैषी नहीं हो सकता।